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दिल में घर कर जाएगी दीपिका पादुकोण की फिल्म ”छपाक”

मनोरंजन ( DiD News ) : फिल्म छपाक की कहानी एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी है। लक्ष्मी अग्रवाल वो लड़की है जिन्होंने अपनी हिम्मत और हौंसले से नफरत और डर पर विजय हासिल की, और साथ ही समाज की सोच बदलने की भी कोशिश की। आइये जानते हैं कैसी है फिल्म छपाक।

‘उन्होंने मेरी सूरत बदली है मेरा मन नहीं’ फिल्म छापक की यह लाइन किसी भी घिनौनी नफरत को हरा सकती हैं। कहा जाता है कि अगर आप अपना मन मजबूत कर लेते हैं तो बड़ी से बड़ी मुसीबत कमजोर हो जाती हैं। फिल्म ‘छपाक’ में जो कुछ दिखाया गया वो छोटी सोच वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा हैं। फिल्म छपाक की कहानी एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी है। लक्ष्मी अग्रवाल वो लड़की है जिन्होंने अपनी हिम्मत और हौंसले से नफरत और डर पर विजय हासिल की, और साथ ही समाज की सोच बदलने की भी कोशिश की।

फिल्म छपाक में लक्ष्मी अग्रवाल के किरदार को मालती का काल्पनिक नाम दिया गया है और मालती का रोल दीपिका पादुकोण ने निभाया है। फिल्म का टाइटल सॉंन्ग हैं ‘कोई चेहरा मिटा के और आंख से हटा के चंद छींटे उड़ा के जो गया छपाक से पहचान ले गया’ ये चंद लाइन फिल्म छपाक में मालती के दर्द को बयां करती हैं लेकिन मालती के हौंसले के आगे दर्द कमजोर पड़ जाता हैं। मालती ने ये सब कैसे किया? आइये ले चलते हैं मालती की नफरत, तकलीफ, डर को हराते हुए एक खूबसूरत दुनिया में, जहां प्यार हैं, संघर्ष हैं और आगे बढ़ने की चाहत।

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