‘राजी’: फिल्म में देशप्रेम

इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म ‘राजी’ मेघना गुलजार की एक बेहतरीन पेशकश है। फिल्म में देशप्रेम इतना कूट-कूट कर भरा है कि आपके मन का देशप्रेम भी एक बार फिर उछाल मारने लगेगा। मेघना की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने फिल्म की कहानी को सरपट आगे दौड़ाया है जिससे दर्शकों को कुछ सोचने समझने का मौका नहीं मिलता और आगे क्या होगा इसकी उत्सुकता लगातार बनी रहती है। फिल्म की कहानी 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान की कहानी है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय बिजनेसमैन अपने देश की खातिर अपनी बेटी को जासूस बनाकर पाकिस्तान भेजा और सूचनाएं हासिल करने में भारतीय सेना की मदद की।

फिल्म की कहानी शुरू होती है भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बनते जा रहे हालात दिखाकर। इस दौरान पाकिस्तानी सेना भारती पर हमले की योजना बना रही होती है और अपने निशाने तय कर रही होती है। कश्मीरी बिजनेसमैन हिदायत खान (रजत कपूर) जो व्यापार के सिलसिले में अकसर पाकिस्तान जाता रहता है उसे इस बात की भनक लगती है तो वह वापस लौट कर भारतीय सेना को यह बात बताता है। हिदायत की पाकिस्तानी सेना में ब्रिगेडियर परवेज सैय्यद (शिशिर शर्मा) से काफी अच्छी दोस्ती है। वह जब दोबारा पाकिस्तान जाता है तो परवेज सैय्यद से मिलता है और अपनी बेटी सहमत (आलिया भट्ट) के लिए ब्रिगेडियर से उनके बेटे इकबाल (विकी कौशल) का हाथ मांगता है। इकबाल भी पाकिस्तानी सेना में अफसर है। परवेज राजी हो जाता है और इधर अपने पिता का देशप्रेम देख उनकी बेटी सहमत भी पाकिस्तान जाने को राजी हो जाती है। इसके लिए उसे विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है कि कैसे उसे सूचनाएं भारतीय सेना को भेजनी हैं। कुछ दिनों के बाद धूमधाम से शादी कर दी जाती है। अब एक सेना परिवार में रहते हुए कैसे जोखिम मोल लेकर सहमत सूचनाएं भारत भेजती है और भारतीय सेना की मदद करती है यही फिल्म में दिखाया गया है।

अभिनय के मामले में आलिया भट्ट का जवाब नहीं। वह मासूम भी लगी हैं और शेरदिल भी। पूरी फिल्म उनके कंधों पर टिकी हुई है। यह पहली ऐसी फिल्म है जिसके लिए आलिया को वर्षों तक याद किया जायेगा। रजत कपूर भी बेहद प्रभावी रहे। उन्होंने कमाल का काम किया है। शिशिर शर्मा, विकी कौशल और अन्य कलाकारों का काम भी अच्छा है। फिल्म की लोकेशन भी बेहद खूबसूरत हैं और कहानी को सशक्त तरीके से पर्दे पर पेश करने में निर्देशक मेघना गुलजार सफल रही हैं। फिल्म का गीत संगीत इसकी गति को आगे बढ़ाता है। फिल्म परिवार सहित देखने लायक है।

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