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बच्चों की दुनिया
  • यही तो है दीपावली

    मुझे पसंद है कतार दीपों की मुझे पसन्द है रोशनी पटाखों की मुझे पसंद है प्लेट मिठाई की यही तो है दीपावली मु ...

    मुझे पसंद है कतार दीपों की मुझे पसन्द है रोशनी पटाखों की मुझे पसंद है प्लेट मिठाई की यही तो है दीपावली मुझे भाता है नये लिबास पहनना मुझे भाता है दोस्तों से मिलना मुझे भाता है पटाखे चलाना यही तो है दीप ...

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  • अच्छे बच्चे बन जाओ

    हैं छोटे छोटे हाथ मेरे छोटे छोटे पांव। नन्हीं नन्हीं आंखें मेरी नन्हें नन्हें कान। फिर भी हरदम चलता हूं ह ...

    हैं छोटे छोटे हाथ मेरे छोटे छोटे पांव। नन्हीं नन्हीं आंखें मेरी नन्हें नन्हें कान। फिर भी हरदम चलता हूं हाथों से करता काम। रोज देखता सुंदर सपना सुनता सुंदर गान। ऐ बडों हमारी सुनो प्रार्थना तुम भी बच्च ...

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  • फूलों में

    तुम भी देखो, हमने देखी कविता फूलों में सुबह सुबह जब कलियाँ खिलती मजेदार जब खुशबू मिलती जब बांछे हम सब की ...

    तुम भी देखो, हमने देखी कविता फूलों में सुबह सुबह जब कलियाँ खिलती मजेदार जब खुशबू मिलती जब बांछे हम सब की खिलती हवा चले तो टहनी हिलती जिधर देखते उधर फूल ये झूलें झूलों में तारों में भी कविता होती कविता ...

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  • एक अधूरा घडा

    कहानी है यह हिन्दुस्तान की।बहुत समय पहले की बात है एक भिश्ती था। उसके पास दो घडे थे। उन घडों को उसने एक ल ...

    कहानी है यह हिन्दुस्तान की।बहुत समय पहले की बात है एक भिश्ती था। उसके पास दो घडे थे। उन घडों को उसने एक लम्बे डंडे के दो किनारों से बांधा हुआ था।एक घडा था साबुत और सुन्दर परन्तु दूसरे घडे में दरार थी। ...

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  • सूरज की शहज़ादी पीलक

    सूरज की शहजादी पीलक सोने से भी गोरी, मीठी मीठी बोली उसकी ज्यों बच्चों की लोरी। सुबह सवेरे भजन सुनाती संध् ...

    सूरज की शहजादी पीलक सोने से भी गोरी, मीठी मीठी बोली उसकी ज्यों बच्चों की लोरी। सुबह सवेरे भजन सुनाती संध्या गाती लोरी, दिन भर करती गुन, गुन, गुन, गुन रात ढले तक लोरी । ...

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  • पसीने की कीमत

    खुशहालपुर में नारायण नामका एक अमीर साहूकार रहता था। उसका एक बेटा और एक बेटी थी। लडक़ी की शादी हुए तीन साल ...

    खुशहालपुर में नारायण नामका एक अमीर साहूकार रहता था। उसका एक बेटा और एक बेटी थी। लडक़ी की शादी हुए तीन साल हो गये थे और वह अपने ससुराल में खुश थी। लडक़ा राजू वैसे तो बुद्वू नहीं था लेकिन गलत संगत में बिग ...

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  • धूप तौलिया

    क्या वर्षा पर्वत की माँ है क्या वह माँ पूरी धरती की क्या वह सागर की भी माँ है क्या वह माँ पेड-पौधों की दे ...

    क्या वर्षा पर्वत की माँ है क्या वह माँ पूरी धरती की क्या वह सागर की भी माँ है क्या वह माँ पेड-पौधों की देख न माँ जैसे तू मुझको प्यार प्यार से नहलाती है वैसे ही तो माँ वर्षा भी इन सबको हाँ नहलाती है पर ...

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  • दिल्ली का गुडियाघर

    बच्चों क्या आपने दिल्ली का गुडियाघर देखा है? दिल्ली के नेहरू भवन में स्थापित यह विशाल गुडियाघर आप बच्चों ...

    बच्चों क्या आपने दिल्ली का गुडियाघर देखा है? दिल्ली के नेहरू भवन में स्थापित यह विशाल गुडियाघर आप बच्चों को चाचा नेहरू का उपहार है. इस गुडियाघर की शुरुआत तो प्रसिध्द कार्टूनिस्ट के शंकर पिल्लै ने की थ ...

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  • कविता फूलों में

    तुम भी देखो, हमने देखी कविता फूलों में सुबह सुबह जब कलियाँ खिलती मजेदार जब खुशबू मिलती जब बांछे हम सब की ...

    तुम भी देखो, हमने देखी कविता फूलों में सुबह सुबह जब कलियाँ खिलती मजेदार जब खुशबू मिलती जब बांछे हम सब की खिलती हवा चले तो टहनी हिलती जिधर देखते उधर फूल ये झूलें झूलों में तारों में भी कविता होती कविता ...

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  • सवेरा हुआ

    प्रात: उठना समय पर, शुरू करना सब काम तब तक करते ही रहो जब तक हो शाम जल्दी उठने के फायदे खूब सारे सब जीव ल ...

    प्रात: उठना समय पर, शुरू करना सब काम तब तक करते ही रहो जब तक हो शाम जल्दी उठने के फायदे खूब सारे सब जीव लगेंगे न्यारे स्नान करो, पूजा करो इस जीवन को मत व्यर्थ करो सुबह का सूरज बना करो बुराइयों से लडा ...

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