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व्यक्त्ति-विशेष

‘भगत सिंह और उनके साथियों के दस्तावेज’ से निकली आजादी के समरगाथा की अनकही दास्‍तान

‘भगत सिंह और उनके साथियों के दस्तावेज’ से निकली आजादी के समरगाथा की अनकही दास्‍तान

व्यक्त्ति-विशेष
बलिदानी करतार सिंह सराभा को भगत सिंह अपना प्रेरणास्रोत मानते थे। वे उनका चित्र सदैव अपने पास रखते थे और कहते थे- यह मेरा गुरु, साथी और भाई है। अप्रैल 1928 में नौजवान भारत सभा के सम्मेलन के लिए घोषणापत्र में युवाओं को प्रेरित करने के लिए भगत सिंह ने करतार सिंह सराभा का उदाहरण भी शामिल किया था। करतार सिंह सराभा की जन्म जयंती (24 मई) पर पढ़िए उस घोषणापत्र का संपादित अंश... 6-4-1928 नौजवान साथियों,हमारा देश एक अव्यवस्था की स्थिति से गुजर रहा है। चारों तरफ एक-दूसरे के प्रति अविश्वास और हताशा का साम्राज्य है। चारों तरफ अराजकता है, लेकिन किसी राष्ट्र के निर्माण की प्रक्रिया में अराजकता एक आवश्यक दौर है। ऐसी ही नाजुक घड़ियों में कार्यकर्ताओं की ईमानदारी की परख होती है, उनके चरित्र का निर्माण होता है, वास्तविक कार्यक्रम बनता है। तब नए उत्साह, नई आशाओं, विश्वास और नए जोश-खरोश के साथ काम आरंभ होत...
तरबूज़ को खाने का बेस्ट समय और बेस्ट तरीका जानते हैं आप?

तरबूज़ को खाने का बेस्ट समय और बेस्ट तरीका जानते हैं आप?

व्यक्त्ति-विशेष
गर्मी के मौसम का मतलब होता है आम, खरबूज़ और तरबूज़ जैसे जूसी और स्वादिष्ट फलों का मज़ा लेना। खासतौर पर तरबूज़, एक ऐसा फल है जो गर्मी में न सिर्फ आंखों और दिल को भाता है बल्कि पेट को भी सूट करता है। तरबूज़ सेहत से जुड़े कई तरह के फायदों से भरा होता है। खाने में मीठा, जूसी और ठंडक देने वाला तरबूज़ पौष्टिक और कामोत्तेजक भी होता है। यह आम फल एक से अधिक कारणों से गर्मी के दिनों में आपकी डाइट का हिस्सा होना चाहिए। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है और साथ ही यह विटामिन-सी, ए, बी-6, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, फोलेट और कैल्शियम जैसे खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। तरबूज़ खाने से होने वाले फायदे - अत्यधिक प्यास को दूर करता है - थकावट को दूर करता है - शरीर में जलन से छुटकारा पाने में मदद करता है - पेशाब में जलन या दर्द से आराम दिलाता है - मूत्राशय के संक्रमण में मदद क...
Sunlight Benefits: मेटाबॉलिज़्म, नींद और इम्यूनिटी को बढ़ावा देती हैं सूरज की किरणें

Sunlight Benefits: मेटाबॉलिज़्म, नींद और इम्यूनिटी को बढ़ावा देती हैं सूरज की किरणें

व्यक्त्ति-विशेष
क्या आप अपने हेक्टिव रुटीन या फिर हीट स्ट्रोक के डर से बिल्कुल भी धूप में नहीं निकल रहे हैं? यह सच है कि दिन की धूप में बाहर निकलने की सलाह किसी को भी नहीं दी जाती है, लेकिन रोज़ाना कुछ देर धूप लेना भी हमारी सेहत के लिए ज़रूरी होता है। फिर चाहे वह वक्त सुबह जल्दी का हो या फिर शाम का जब सूरज ढल रहा हो। सर्कैडियन रिदम, या सर्कैडियन चक्र, हमारे शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करती है और लगभग हर 24 घंटे में दोहराती है। सूरज के साथ जागना, एक दिनचर्या रखना, व्यायाम करना, स्क्रीन समय सीमित रखना, लंबी झपकी से बचना और जल्दी सोने का समय, ये सभी चीज़ें हैं जो हमारी सर्कैडियन घड़ी को सही करने में हमारी मदद कर सकती हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंस प्रोफेसर डॉ. एंड्रयू डी. ह्यूबरमैन ने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि हम अपनी सर्कैडियन घड़ी को...
कानपुर का यह अनोखा बाजार, जहां तौलकर बिकते हैं कपड़े; प्रतिकिलो के भाव में पैंट-कमीज से लेकर साड़ियां तक मिलती

कानपुर का यह अनोखा बाजार, जहां तौलकर बिकते हैं कपड़े; प्रतिकिलो के भाव में पैंट-कमीज से लेकर साड़ियां तक मिलती

व्यक्त्ति-विशेष
कानपुर न्यारा है, अलमस्त है और हर कोने में अलग-अलग रंग वाला शहर है। चाहे वह कारोबार हो, किसी चकल्लस या खानपान से जुड़ी चीजें सबकी रंगत अलग दिखती है। वह भी यूं ही नहीं, अलग-अलग वजह भी हैं इसके पीछे। कभी लाल इमली, एल्गिन, स्वदेशी काटन, एनटीसी जैसी बड़ी-बड़ी मिलों में निर्मित कपड़ों के कारण देश-दुनिया तक यह शहर मशहूर रहा तो यहां वर्तमान में कपड़े समेत अन्य सामान के अनोखे बाजार भी हैं। हर गली खुद में कुछ न कुछ समेटे है।किसी सड़क से भले आप रोज गुजरते होंगे, लेकिन उससे सटी अंदर जा रही हर गली में होने वाला कारोबार क्या है, उसका कहां तक जुड़ाव है, कितनों को रोजगार मिल रहा है, ये नहीं पता होगा। आइए, आज हम आपको रूबरू कराते हैं, ऐसे ही एक अनोखे कपड़ा बाजार से, जहां तौल (प्रतिकिलो) के भाव में कपड़े और साड़ियां बिकती हैं। यहां से थोक में खरीदारी कर इन्हें फुटकर में बेचकर शहर समेत आसपास के जिलों तक हजार...
क्या सन बर्न और सनटैन में फर्क समझते हैं आप?

क्या सन बर्न और सनटैन में फर्क समझते हैं आप?

व्यक्त्ति-विशेष
गर्मी के मौसम में तेज़ धूप से टैनिंग और सनबर्न होना आम बात है। इसलिए एक्सपर्ट्स लगातार सनस्क्रीन के इस्तेमाल पर ज़ोर देते हैं। साथ ही सन टैनिंग और सनबर्न में फर्क को समझना भी ज़रूरी है। क्या होती है टैनिंग? जब आपकी त्वचा की कोशिकाएं सूरज से यूवी किरणों के संपर्क में आती हैं, तो उनका सुरक्षा मोड ऑन हो जाता है। मेलानोसाइट्स से मेलेनिन, केराटिनोसाइट्स की तरफ चला जाता है, जो त्वचा की सतह की कोशिकाएं हैं। रक्षा मोड में, मेलेनिन पिगमेंट यूवी विकिरण को आगे की कोशिका क्षति से रोकता है।मेलेनिन, कोशिका के न्यूकलिइस के ऊपर एक छतरी की तरह आ जाता है, यह प्रक्रिया सूर्य के संपर्क में आने वाली सभी त्वचा कोशिकाओं में होती है जिससे त्वचा काली पड़ जाती है। यही वजह है कि टैनिंग एक्पोज़्ड शरीर के अंगों में साफ दिखाई देती है। टैनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें त्वचा जैसे ही सूरज के संपर्क में आती है, तो त्वचा...
भेदभाव दूर करने वाले सिखों के तीसरे गुरु अमरदासजिन्होंने समरसता पर दिया बल

भेदभाव दूर करने वाले सिखों के तीसरे गुरु अमरदासजिन्होंने समरसता पर दिया बल

व्यक्त्ति-विशेष
सिखों के तीसरे गुरु अमरदास जी का जन्म 15 मई 1479 को अमृतसर के गांव बासरके में पिता तेजभान एवं माता लक्ष्मी जी के घर हुआ था। गुरु अमरदास जी बड़े आध्यात्मिक चिंतक थे। वे दिन भर खेती और व्यापार के कार्यों में व्यस्त रहने के बावजूद हरि नाम का सिमरन करने में लगे रहते थे। एक बार उन्होंने अपनी पुत्रवधू से बाबा नानक द्वारा रचित एक 'शबद' सुना। उसे सुनकर वे इतने प्रभावित हुए कि पुत्रवधू से गुरु अंगद देव जी का पता पूछकर तुरंत उनके चरणों में जा विराजे। उन्होंने 60 वर्ष की आयु में अपने से 25 वर्ष छोटे और रिश्ते में समधी लगने वाले गुरु अंगद देव जी को गुरु बना लिया और लगातार 12 वर्षों तक एकनिष्ठ भाव से गुरु सेवा की। उनकी सेवा और समर्पण से प्रसन्न होकर गुरु अंगद देव जी ने 72 वर्ष की आयु में उन्हें सभी प्रकार से योग्य जानकर 'गुरुपद' सौंप दिया। इस प्रकार वे सिखों के तीसरे गुरु बन गये। मध्यकालीन भारतीय...
‘मेक इन इंडिया’ की बढ़ेगी ताकत

‘मेक इन इंडिया’ की बढ़ेगी ताकत

व्यक्त्ति-विशेष
भारतीय सेना की जल, थल और वायु सुरक्षा आए दिन और भी मजबूत और कड़ी होती जा रही है। सेना में ऐसे शक्तिशाली उपकरण शामिल किए जा रहे हैं, जिसके नाम मात्र से ही दुश्मनों के पसीने छूट जाएंगे। इसी कड़ी में भारतीय सेना को दुश्मन के विमानों और ड्रोन को मार गिराने की अपनी क्षमता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसमें 'मेक इन इंडिया' के अंतर्गत देश को एक बड़ी ताकत मिलेगी। बता दें कि वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली में आकाश प्राइम मिसाइल की दो नई रेजिमेंट खरीदने का प्रस्ताव रखा है।...
उच्च शिक्षण संस्थानों में पनपता कट्टरवाद, शिक्षण संस्थानों के दुरुपयोग के घातक परिणाम

उच्च शिक्षण संस्थानों में पनपता कट्टरवाद, शिक्षण संस्थानों के दुरुपयोग के घातक परिणाम

व्यक्त्ति-विशेष
इस आम धारणा के बावजूद कि शिक्षा किसी व्यक्ति को रूढ़ियों से मुक्त करके उसे प्रगतिशील बनाती है, शिक्षा और कट्टरता के बीच के संबंध को लेकर हमेशा से एक बहस कायम रही है। इसके पीछे कारण यह है कि जहां एक तरफ शिक्षा, विशेष तौर आधुनिक शिक्षा व्यक्ति को उदार बनाने का एक माध्यम है, वहीं इसका दूसरा पक्ष यह है कि अगर शिक्षा किसी विशेष विचारधारा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हो तो फिर यह कट्टरता को और भी ज्यादा बढ़ाती है। शिक्षा के प्रसार के संदर्भ में यदि व्यापकता में देखें तो कई बार ऐसे प्रश्न उठते रहे हैं, जो इसी अवधारणा को मजबूत करते दिखते हैं।...
नेताजी सुभाष चंद बोस की रक्षा के लिए दिया सुहाग का बलिदान

नेताजी सुभाष चंद बोस की रक्षा के लिए दिया सुहाग का बलिदान

व्यक्त्ति-विशेष
स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष में देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जा रहा है। इनमें बहुत सी वीरांगनाएं भी शामिल थीं। ऐसी ही एक वीरांगना थीं नीरा आर्य। बागपत के खेकड़ा (उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में) में पांच मार्च, 1902 को जन्मीं नीरा आर्य जब मात्र आठ वर्ष की थीं, तब महामारी के चलते उनकी माता लक्ष्मी देवी और पिता महावीर का देहांत हो गया था। छोटे भाई बसंत की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आ गई। उन दिनों खेकड़ा में आर्य समाज के एक सम्मेलन में भाग लेने कलकत्ता (अब कोलकाता) से आए सेठ छच्जूमल ने नीरा व उनके भाई को गोद ले लिया था। नीरा की शिक्षा-दीक्षा कलकत्ता में हुई थी।25 दिसंबर, 1928 को नीरा का विवाह कलकत्ता में ही श्रीकांत जयरंजन से हुआ, जो अंग्रेज सरकार के गुप्तचर विभाग में अफसर थे। नीरा को विवाह के बाद पता चला कि उनके पति कई स्वतंत्रता सेनानियों को प...
बढ़ाई गई पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि की मियाद, उर्वरकों पर 60,939 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी

बढ़ाई गई पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि की मियाद, उर्वरकों पर 60,939 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी

दिल्ली / एनसीआर, व्यक्त्ति-विशेष
बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) को अब दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि सरकार की ओर से चलाई जा रही स्वनिधि से समृद्धि योजना के अंतर्गत अब तक विभिन्न योजनाओं से 16.7 लाख लाभार्थियों को फायदा मिला है।...