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कृष्ण जन्मभूमि मथुरा है बेहद खास, इन प्रसिद्ध जगहों पर जरूर जाएं एक बार!

कृष्ण जन्मभूमि मथुरा है बेहद खास, इन प्रसिद्ध जगहों पर जरूर जाएं एक बार!

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धर्म (DID NEWS) : भगवान कृष्ण की नगरी कहलाई जाने वाला धार्मिक स्थल मथुरा दुनियाभर में पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है। यहां भगवान कृष्ण के दर्शन करने के लिए विश्वभर से पर्यटक आते हैं। ये स्थल भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि से भी जाना जाता है। विशेषतौर होली मानाने के लिए यहां दूर-दूर से लोग आया करते हैं। यहां कृष्ण मंदिर के अलावा कई अन्य जगह भी हैं जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं। मथुरा से करीब 56 किलोमीटर की दूरी पर आगरा है। आप चाहें तो मथुरा के साथ-साथ आगरा भी घूमने जा सकते हैं। वहीं, अगर आप मथुरा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको जिन प्रमुख जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं वहां आप घूमने जा सकते हैं। कृष्ण जन्मभूमि अगर आप मथुरा जा रहे हैं तो सबसे पहले कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ही जाएं। कृष्ण जन्मभूमि से ही आपको ये साफ हो गया होगा कि ये कृष्ण भगवान का जन्म स्थान है। बता दें कि इस मं...
बुध प्रदोष व्रत से आती है घर में सुख-शांति

बुध प्रदोष व्रत से आती है घर में सुख-शांति

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धर्म ( DID NEWS) : आज बुध प्रदोष व्रत है। बुधवार के दिन प्रदोष व्रत होने के कारण इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा का विधान है तो आइए हम आपको बुध प्रदोष व्रत के विधि तथा महत्व के बारे में बताते हैं। जानें माघ शुक्ल प्रदोष व्रत के बारे में प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस बार 24 फरवरी 2021 (बुधवार) को माघ महीने के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करने से कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं और मन पवित्र हो जाता है। सभी इच्छाओं को पूरा करता है प्रदोष व्रत प्रदोष व्रत में शिव जी की आराधना होती है। ऐसे जो भी व्यक्ति सुख-सुविधाएं चाहते है...
गुप्त नवरात्रि के दौरान संतान प्राप्ति से लेकर कर्ज से मु्क्ति पाने तक के लिए करें ये उपाय

गुप्त नवरात्रि के दौरान संतान प्राप्ति से लेकर कर्ज से मु्क्ति पाने तक के लिए करें ये उपाय

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धर्म(DID NEWS ) साल में चार नवरात्रि आते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि आते हैं। आमतौर पर लोग शारदीय और चैत्र नवरात्रि के बारे में ही जानते हैं। इसके अलावा दो और नवरात्रि भी आते हैं। जिनमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है। गुप्त नवरात्रि में सात्विक और तांत्रिक पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में पूजा और मनोकामना को गुप्त रखा जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और फल दोगुना मिलता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान विवाह, नौकरी आदि संबंधित कई उपाय भी किये जाते हैं। इस साल माघ गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी से शुरू हो रहे हैं। गुप्त नवरात्रि के दौरान संतान प्राप्ति के लिए 9 दिन मां दुर्गा को पान का पत्ता अर्पित करना चाहिए। पान का पत्ता कटा-फटा नहीं होना चाहिए। पूजा के दौरान नन्दगोपगृह जाता यशोदागर्भ सम्भवा ततस्तौ नाशयिष्यामि विन्ध्याचलनिवासिनी मंत्र का जाप करना चाह...
देश को हर सिख पर गर्व, उन्हें गुमराह करने का प्रयास गलत: नरेंद्र मोदी

देश को हर सिख पर गर्व, उन्हें गुमराह करने का प्रयास गलत: नरेंद्र मोदी

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धर्म (DID NEWS):  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में कहा कि इस देश को हर सिख पर गर्व है। मोदी ने कहा कि उन्होंने इस देश के लिए क्या नहीं किया है? हम उन्हें जो भी सम्मान देंगे वह हमेशा कम रहेगा। मैं पंजाब में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताने के लिए भाग्यशाली रहा हूं।   उनके लिए कुछ लोगों द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और उन्हें गुमराह करने का प्रयास कभी राष्ट्र को लाभ नहीं देगा। मोदी ने कहा कि भारत अस्थिर, अशांत रहे इसके लिए कुछ लोग लगातार कोशिश कर रहे हैं हमें इन लोगों को जानना होगा। हम ये न भूलें कि जब बंटवारा हुआ तो सबसे ज़्यादा पंजाब को भुगतना पड़ा, जब 1984 के दंगे हुए सबसे ज़्यादा आंसू पंजाब के बहे।  ...
‘संजीवनी बूटी’ ले जाते भगवान हनुमान की फोटो ट्वीट कर बोल्सनारो ने भारत को कहा- धन्यवाद

‘संजीवनी बूटी’ ले जाते भगवान हनुमान की फोटो ट्वीट कर बोल्सनारो ने भारत को कहा- धन्यवाद

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धर्म (DID NEWS): ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने कोविड-19 के टीके की 20 लाख खुराकें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है और सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की है जिसमें भगवान हनुमान को भारत से ‘संजीवनी बूटी’ ब्राजील ले जाते दिखाया गया है। बोलसोनारो ने ट्वीट किया, ‘‘ नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। वैश्विक बाधाएं दूर करने के लिए एक महान साझेदार पा कर ब्राजील गौरवान्वित है। भारत से टीके ब्राजील भेज हमारी मदद करने के लिए शुक्रिया। धन्यवाद।’’ बोलसोनारो ने अपने धन्यवाद संदेश के साथ भगवान हनुमान की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह ‘संजीवनी बूटी’ वाले पर्वत पर कोविड-19 के टीके लिए भारत से ब्राजील जाते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर पर भी धन्यवाद भारत लिखा है।  ...
श्री हनुमान चालीसा के पाठ से ‘ऐसे सुधारें’ अपना जीवन

श्री हनुमान चालीसा के पाठ से ‘ऐसे सुधारें’ अपना जीवन

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धर्म (DID NEWS): रामचरित्र मानस की रचना के बाद गोस्वामी तुलसीदास जी ने प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त श्री हनुमान जी की लीलाओं के वर्णन के लिए हनुमान चालीसा की रचना की। गोस्वामी तुलसीदास ने इस चालीसा में 40 छंदों के द्वारा भगवान बजरंग बली के चरित्र और उनके गुणों का बखान किया है। कहते हैं कि जो भी मनुष्य अपने जीवन में श्री हनुमान चालीसा का पाठ करता है वह हर तरीके से सुखमय और मालामाल हो जाता है। मालामाल से तात्पर्य केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि निरोगी काया, सुंदर मन, सुंदर शरीर और गुणवान होने से है।  ...
विनायक चतुर्थी के दिन व्रत से होती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण

विनायक चतुर्थी के दिन व्रत से होती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण

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धर्म (DID NEWS):  आज विनायक चतुर्थी है, यह साल की पहली विनायक चतुर्थी है। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती है, तो आइए हम आपको विनायक चतुर्थी की व्रत-विधि तथा कथा के बारे में बताते हैं। विनायक चतुर्थी व्रत की विशेषता यह है कि यह व्रत हर महीने में दो बार आता है। महीने में दो चतुर्थी आती हैं ऐसे में दोनों तिथियां ही विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती हैं। आज 16 जनवरी शनिवार को साल 2021 की पहली विनायक चतुर्थी पड़ रही है। विनायक चतुर्थी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। भगवान गणेश की पूजा करने से कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं आती है। इसलिए गणपति महाराज को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है।  ...
अनंत गुना फल देने वाले त्योहार मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में किया स्नान

अनंत गुना फल देने वाले त्योहार मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में किया स्नान

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धर्म (DID NEWS): मकर संक्रांति के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम में स्नान किया और यहां कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीर्थस्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने बेहद ठंड और धुंध के बीच अपने-अपने शिविरों से निकलकर संगम में स्नान किया।  ...
पंजाब के त्योहार लोहड़ी को देश-विदेश में बसे पंजाबियों ने ग्लोबल फेस्टिवल बना दिया

पंजाब के त्योहार लोहड़ी को देश-विदेश में बसे पंजाबियों ने ग्लोबल फेस्टिवल बना दिया

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धर्म (DID NEWS):-  साल 2021 का लोहड़ी पर्व इस मायने में खास है कि पिछले साल की दुश्वारियों के बाद लोगों को इस साल यह पहला उत्सव और उल्लास मनाने का अवसर प्रदान करेगा। कोरोना काल में साल 2020 के सभी त्योहार प्रतीक रूप में ही मनाये गये लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण के गिरते मामलों और वैक्सीन आ जाने की खबर ने लोहड़ी पर्व की मस्ती को और बढ़ा दिया है लेकिन अभी हमें यह ध्यान रखना होगा कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। लोहड़ी पर्व के धार्मिक महत्व की चर्चा करें इससे पहले आपको याद दिला दें कि हमें इस पर्व की मस्ती में स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सुझावों को नहीं भूलना है और फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने का ख्याल रखना होगा।  ...
हनुमानजी में दो हृदयों को आपस में जोड़ने की गज़ब की कला है

हनुमानजी में दो हृदयों को आपस में जोड़ने की गज़ब की कला है

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 धर्म (DID NEWS) विगत अंक में हमने देखा कि श्री हनुमान जी प्रभु श्री राम जी को सुग्रीव तक ले जाने हेतु पूरी तरह कमर कसे हुए हैं। और बातों ही बातों में यह नींव रख दी कि हे प्रभु! आप सुग्रीव को अपना मित्र बना लीजिए। अन्यथा वह दास तो आपका है ही। श्रीराम जी हनुमान जी को निहार कर अपनी किसी विशेष सोच में डूबे हैं। वह सोच यह कि क्यों अनेकों जीव जोड़ने की बजाय सिर्फ तोड़ने में ही विश्वास रखते हैं। हमारी अयोध्या नगरी को ही ले लीजिए। मंथरा को आखिर किस बात की कमी थी। हमने उसे शिशु काल से ही बांचा है। दुराव व विलगता के भाव तो उसमें संस्कारों से ही थे। और अपनी कपट कला का प्रदर्शन वह कितना समय पहले ही कर देती। लेकिन इसके लिए उसे माता कैकेई जैसा उपयुक्त पात्र ही नहीं मिला। उसकी जीवों को मुझसे तोड़ने की कला में महारत तो देखिए कैसे−कैसे उसने कद्रू व विनीता की पौराणिक कथा में भी सौतन भाव वाला विष घोल कर मात...