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पहली बार केवल एक माह के लिए लग रहा कुंभ मेला

रिद्वार कुंभ के संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है। 12 वर्ष में एक बार होने वाले इस धार्मिक आयोजन की अवधि कोरोना वायरस के मद्देनजर पहली बार घटा कर एक माह कर दी गई है। यह धार्मिक मेला एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच आयोजित किया जाएगा। सामान्य तौर पर कुंभ करीब साढ़े तीन महीने तक चलता है। वर्ष 2010 में कुंभ 14 जनवरी से शुरू होकर 28 अप्रैल तक चला था।अधिसूचना के अनुसार, एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को तीन दिन प्रमुख शाही स्नान होंगे। इनके अलावा 13 अप्रैल को चैत्र प्रतिपदा और 21 अप्रैल को होने वाले राम नवमी के पर्व पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस बीच, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 की रिपोर्ट, जिसमें उनके संक्रमित ना होने की पुष्टि हो या टीकाकरण रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस संबंध में कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड-19 की आरटी-पीसीआर की नकारात्मक जांच रिपोर्ट या टीकाकरण रिपोर्ट लाना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी जिला प्रशासनों, राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न संगठनों तथा अन्य हितधारकों को मास्क पहनने, बार—बार हाथ धोने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे विभिन्न उपायों के सख्त अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रिद्वार कुंभ के संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है। 12 वर्ष में एक बार होने वाले इस धार्मिक आयोजन की अवधि कोरोना वायरस के मद्देनजर पहली बार घटा कर एक माह कर दी गई है। यह धार्मिक मेला एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच आयोजित किया जाएगा। सामान्य तौर पर कुंभ करीब साढ़े तीन महीने तक चलता है। वर्ष 2010 में कुंभ 14 जनवरी से शुरू होकर 28 अप्रैल तक चला था।अधिसूचना के अनुसार, एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को तीन दिन प्रमुख शाही स्नान होंगे। इनके अलावा 13 अप्रैल को चैत्र प्रतिपदा और 21 अप्रैल को होने वाले राम नवमी के पर्व पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस बीच, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 की रिपोर्ट, जिसमें उनके संक्रमित ना होने की पुष्टि हो या टीकाकरण रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस संबंध में कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड-19 की आरटी-पीसीआर की नकारात्मक जांच रिपोर्ट या टीकाकरण रिपोर्ट लाना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी जिला प्रशासनों, राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न संगठनों तथा अन्य हितधारकों को मास्क पहनने, बार—बार हाथ धोने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे विभिन्न उपायों के सख्त अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।