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उत्तराखंड में इस साल नहीं होगी कांवड़ यात्रा

उत्तराखंड में इस साल भी कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कोरोना की वजह से यह फैसला लिया है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कांवड़ यात्रा रद्द करने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि कांवड़ यात्रा आस्था की बात जरूर है, लेकिन लोगों की जिंदगी भी दांव पर नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा था कि यह भगवान को भी अच्छा नहीं लगेगा कि कांवड़ यात्रा के कारण लोग कोविड से अपनी जान गवांए।

वहीं, उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा स्थगित नहीं की गई है। CM योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 को निर्देश दिए हैं कि पारंपरिक कांवड़ यात्रा कोविड प्रोटोकॉल के साथ हो सकेगी। योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के संबंध में विशेषज्ञों के भविष्य के आकलनों को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा कराई जाए।

देश में कोरोना संक्रमितों की मौत में 27 दिन बाद अचानक उछाल आया है। सोमवार को 2,024 लोगों की मौत दर्ज की गई। इससे पहले दो हजार से ज्यादा मौतें 16 जून को सामने आई थीं, तब 2,329 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।

इसमें 1,481 मौत के मामले सिर्फ मध्यप्रदेश में सामने आए हैं। हालांकि राज्य के 1,478 पुराने केस एडजस्ट करने की वजह से ऐसा हुआ है। महाराष्ट्र में भी पहले ऐसा किया जा चुका है। वहां, 9 जुलाई को पुरानी मौतों के एडजस्टमेंट के बाद 738 मौतें रिकॉर्ड की गई थीं। इसके बाद भी देशभर में हुई मौतों का आंकड़ा 1,207 तक ही पहुंचा था।

पुरानी मौतों को एडजस्ट करने की शुरुआत 17 मई को की गई थी। इसके बाद जून के आखिरी दो दिन और जुलाई के शुरुआती 2 दिनों में लगातार दो महीने पुरानी मौतों के आंकड़े जोड़े गए थे।बीते 24 घंटों में नए मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 30,818 नए संक्रमितों की पहचान हुई, 48,916 ठीक हुए। देश में एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 20,126 की कमी आई है। यह बीते 14 दिन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 28 जून को 20,872 एक्टिव केस कम हुए थे।कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनज की उत्तराखंड़ ब्रांच ने राज्य सरकार को खत लिखकर कांवड़ यात्रा को रद्द करने को कहा था।