Saturday, January 29Welcome Guest !

जानें, शुक्र प्रदोष व्रत में क्या करें और और किन चीजों से करें परहेज

हिंदी पंचांग के अनुसार, हर महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। पौष माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 31 दिसंबर को है। प्रदोष व्रत के दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा उपासना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति पर शिव पार्वती की कृपा बरसती है। अतः प्रदोष व्रत के दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिवजी और माता पार्वती की पूजा-उपासना करें। इस व्रत के लिए कुछ कठोर नियम भी हैं। इन नियमों का पालन करने पर व्रत सफल माना जाता है। आइए जानते हैं कि शुक्र प्रदोष व्रत में क्या करें और किन चीजों से परहेज करें-

क्या करें

-ज्योतिष शुक्रवार के दिन शिवजी की पूजा करने की भी सलाह देते हैं। इस दिन शिवजी और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की सभी परेशानियों का अंत होता है। साधक ॐ नमः शिवाय और ॐ उमामहेश्वराभ्याम नमः मंत्र का एक माला जरूर जाप करें।

-शीघ्र शादी के इच्छुक जातक शुक्र प्रदोष व्रत पर शिवजी को जल में सुगंधित द्रव्य (इत्र) डालकर अर्घ्य दें। इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं।

विवाहित दंपत्ति शुक्र प्रदोष व्रत के दिन लाल या गुलाबी रंग के फूलों की माला शिवजी को भेंट करें। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता और निकटता आती है। दोनों के बीच सामंजस्य मधुर होता है।

-शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी पर सफेद चंदन लगाने से शिवजी प्रसन्न होते हैं। साथ ही व्यक्ति के सभी दुःख और दर्द दूर हो जाते हैं।

क्या न करें

-तामसिक भोजन न करें। प्रदोष व्रत के दिन लहसुन-प्याज युक्त भोजन और सोमरस का सेवन बिल्कुल न करें।

-प्रदोष व्रत के दिन एकादशी की तरह चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही लाल मिर्च और सामान्य नामक का सेवन भी न करें।

-प्रदोष व्रत के दिन पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें। अगर व्रत करते हैं, तो दिन में एक बार जल ग्रहण और एक फल का सेवन कर सकते हैं।

-आसुरी प्रवृति में लिप्त न हो। किसी से वाद-विवाद न करें।