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डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण दवा है तुलसी

सनातन धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है। हर घर में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। आयुर्वेद में तुलसी को औषधि माना जाता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो कई रोगों में लाभकारी होते हैं। डॉक्टर्स भी बदलते मौसम में होने वाले मौसमी बुखार, सर्दी-खांसी और जुकाम में तुलसी के पत्तों का काढ़ा पीने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तुलसी के पत्तों का सेवन करने से बढ़ते वजन और शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर आप भी डायबिटीज के मरीज हैं और शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं, तो तुलसी के पत्तों का सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से शुगर कंट्रोल में रहता है। कुछ शोधों में खुलासा हो चुका है कि तुलसी के पत्तों में एंटी-डायबिटिक के गुण पाए जाते हैं। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

पर छपी एक शोध में तुलसी के पत्तों के फायदे को बताया गया है। इस शोध की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए तुलसी रामबाण दवा है। इस शोध में 45 से 55 वर्ष के 40 डायबिटीज के मरीज शामिल थे। इनमें 20 पुरुष और 20 महिला को शामिल किया गया था। इन लोगों को रोजाना तुलसी के पत्तों की चूर्ण युक्त कैप्सूल खाने की सलाह दी गई है। इस दौरान मरीजों पर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई। इसका परिणाम संतोषजनक मिला है। तुलसी के पत्तों के सेवन से शुगर स्तर कम हुआ। साथ ही इसमें कैलोरी बहुत कम होती है।

डायबिटीज के मरीज रोजाना तुलसी के पत्तों का रोजाना सेवन करें। इसके लिए तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से सुखाकर पीस लें। अब रोजाना सुबह में खाली पेट पानी या दूध के साथ मिलाकर पिएं। इसके सेवन से शुगर कंट्रोल में रहता है। हालांकि, सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें। मोटापा से पीड़ित लोग रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास पानी में 8-10 तुलसी के पत्ते भिगो कर रख दें। अगली सुबह जागने के बाद इसे पिएं। वहीं, तुलसी के पत्तों को चबाएं नहीं, बल्कि निगल जाएं। आप चाहे तो स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस और पुदीने के पत्ते भी डाल सकते हैं। आप तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पी सकते हैं।