Thursday, September 23Welcome Guest !

राष्ट्रपति बनने के 10 साल बाद तिब्बत आए शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अरुणाचल प्रदेश से सटे तिब्बत का दौरा किया है। उनकी यह यात्रा भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच हुई है। 2011 में सत्ता संभालने के बाद उनका यह पहला तिब्बत दौरा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राष्ट्रपति शी बुधवार को न्यिंगची मेनलैंड एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

शी ने ब्रह्मपुत्र नदी के बेसिन में इकोलॉजिकल और एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन का जायजा लेने के लिए न्यांग नदी पर बने पुल का दौरा किया, जिसे तिब्बती भाषा में यारलुंग जांगबो कहा जाता है। चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे विशाल बांध बना रहा है और भारत इसका विरोध कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी राष्‍ट्रपति इस समय तिब्‍बत की राजधानी ल्‍हासा में हैं। उन्होंने अरुणाचल सीमा का दौरा ऐसे समय पर किया है, जब हाल ही में चीन ने पहली बार पूरी तरह बिजली से चलने वाली बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू किया है। यह बुलेट ट्रेन राजधानी ल्‍हासा और न्यिंगची को जोड़ेगी। इसकी रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा है।

राष्ट्रपति शी इस ट्रेन को लेकर कह चुके हैं कि यह स्थिरता को सुरक्षित रखने में मदद करेगी। उनका इशारा अरुणाचल से लगी सीमा से था। अगर चीन-भारत का युद्ध होता है तो यह रेलवे लाइन रणनीतिक रूप से उसके काफी काम आएगी। चीन यहां बुनियादी ढांचा विकसित करने में जुटा है। रेल के साथ-साथ सड़क मार्ग को भी दुरुस्त किया जा रहा है।