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व्यक्त्ति-विशेष

देश एक बार फिर एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है: PM मोदी

देश एक बार फिर एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है: PM मोदी

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष ( DID NEWS) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद देश हौसले और आत्मविश्वास से भरा हुआ था लेकिन इस तूफान (दूसरी वेव) ने देश को झकझोर दिया है। इस समय हमें इस लड़ाई को जीतने के लिए विशेषज्ञों और वैज्ञानिक सलाह को प्राथमिकता देनी है। राज्य सरकार के प्रयत्नों को आगे बढ़ाने में भारत सरकार पूरी शक्ति से जुटी हुई है। राज्य सरकारें भी अपना दायित्व निभाने की पूरी कोशिश कर रही हैं।  ...
सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने को लेकर सम्मिलित वैश्विक कदम उठाने की आवश्यकता: भारत

सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने को लेकर सम्मिलित वैश्विक कदम उठाने की आवश्यकता: भारत

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष ( DID NEWS) : भारत ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के मंच से सभी के लिये किफायती और स्वच्छ ऊर्जा की पैरवी की। भारत ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिये सम्मिलित वैश्विक प्रयास आवश्यक है। इसके अलावा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा के दायरे को बढ़ाने के लिये नवोन्मेषी तरीके अपनाने तथा मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी आवश्यकता है। बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री राज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा, ‘‘हमारे पास सतत विकास लक्ष्य संख्या सात (एसडीजी 7) को पाने के लिये और सभी को सस्ती, विश्वसनीय व टिकाऊ ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिये करीब 10 साल हैं।’’  ...
कोरोना से संक्रमित त्रिवेंद्र सिंह रावत की तबीयत बिगड़ी, देहरादून से एम्स रेफर

कोरोना से संक्रमित त्रिवेंद्र सिंह रावत की तबीयत बिगड़ी, देहरादून से एम्स रेफर

उत्तरप्रदेश SPECIAL, व्यक्त्ति-विशेष
उत्तरप्रदेश SPECIAL (DID NEWS): कोरोना वायरस से कुछ दिन पहले संक्रमित हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सोमवार को परीक्षण के लिए सरकारी दून अस्पताल से दिल्ली के एम्स ले जाया जा रहा है।   मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्वास्थ्य ठीक है। रात में उनका बुखार कम हुआ था। फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्रीजी का स्वास्थ्य सामान्य है पर उनके फेफडों में हल्का संक्रमण है।  ...
घर पर बनाएं एलोवेरा तेल

घर पर बनाएं एलोवेरा तेल

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष ( DID NEWS) : आप अपने घर में बड़ी असानी से एलोवेरा तेल बना सकते हैं। इसके लिए किसी तरह का कोई ज्यादा खर्चा भी नहीं होगा। इसे बनाने के लिए आपको एलोवेरा की ताजी पत्तियां और आधा कप नारियल तेल चाहिए होगा।  इसे हफ्ते में 2 से 3 बार रात के समय सोने से पहले लगना लाभदायक साबित होता है। इस तेल का इस्तेमाल आप त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर की तरह भी कर सकते हैं। एलोवेरा की ताजी पत्तियों को पहले साफ कर लें। इसके बाद इसकी पत्तियों के बाहरी परत को तेज चाकू से सावधानी से काटें। अब इसमें से एलोवेरा के जेल को निकालकर एक कटोरी में डाल लें। इसी में नारियल तेल को डालकर मिला लें। आप चाहें तो मिक्सर में इन्हें साथ मिला सकते हैं या चम्मच की मदद से भी इसे मिक्स कर सकते हैं। अब इसे किसी शीशी में डाल लें।...
मानवता, प्रेम और शांति की दूत थीं भारत रत्न मदर टेरेसा

मानवता, प्रेम और शांति की दूत थीं भारत रत्न मदर टेरेसा

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS): सचमुच वे मां थी। माँ शब्द जुबान पर आते ही सबसे पहले मदर टेरेसा का नाम आता है। कलियुग में वे मां का एक आदर्श प्रतीक थी जो आज भी प्रेम की भांति सभी के दिलों में जीवित हैं। माँ दुनिया का सबसे अनमोल शब्द है। एक ऐसा शब्द जिसमें सिर्फ अपनापन, सेवा, समर्पण, दया, करूणा और प्यार झलकता है। मदर टेरेसा का मानवता के प्रति योगदान पूरी दुनिया जानती है। इसके साथ ही यह आधुनिक संत बीमार और असहाय लोगों के प्रति अपने करूणामयी व्यवहार के लिए भी जानी जाती हैं। लेकिन जब हम उनके बारे में बात करते हैं तो हम उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक कार्य को याद करते हैं, जो थी कुष्ठता के कलंक के खिलाफ उनकी लड़ाई। कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों के प्रति हर जगह भेदभाव देखा गया था, लेकिन मदर टेरेसा ने उनके साथ अपनों जैसा व्यवहार किया। इस तरह की उनकी दया और करूणा की भावना ने दुनिया का एक स...
अगस्त क्रांति विशेष

अगस्त क्रांति विशेष

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष ( DID NEWS) : देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति के आंदोलन में जैसे ही जनभागीदारी बढ़ी जनता जनार्दन ने खुलेआम सरकार को चुनौती दी थी। ब्रिटिश हुकूमत के शक्ति के प्रतीकों रेलवे स्टेशन, पोस्ट आफिस, टेलीफोन और संचार व्यवस्था क्षतिग्रस्त कर दिए गए। रेल की पटरी उखाड़ने, टेलीफोन के तार काटने, सरकारी इमारतों पर झंडा फहराने, पुल और पुलियों को ध्वस्त करना नौ अगस्त से शुरू आंदोलन में एक सामान्य कार्यक्रम बन गया था। रेल और यातायात लगभग ठप हो गया था। ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक धू-धू कर जलने लगे थे। सबका लक्ष्य एक ही था कि अंग्रेज अब अपने देश जाएं। हमें खुली हवा में सांस चाहिए और ये गुलामी के माहौल में कतई संभव नहीं है। 12 अगस्त, 1942 को गुरेहूं गांव में एआरओ केपी अवस्थी दिन में 11:30 बजे भूमि बंदोबस्त संबंधी इजलास लगाए हुए थे। उसी समय लगभग 25 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ क...
जानिए ड्राई फ्रूट्स खाने का हेल्दी तरीका और इससे जुड़े मिथ्स

जानिए ड्राई फ्रूट्स खाने का हेल्दी तरीका और इससे जुड़े मिथ्स

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS): जब भी हेल्दी फूड्स की बात होती है तो उसमें ड्राई फ्रूट्स का नाम जरूर लिया जाता है। काजू से लेकर बादाम, मखाने से लेकर पिस्ता तक कई तरह के ड्राई फ्रूट्स को लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। हालांकि एक सच यह भी है कि ड्राई फ्रूट्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां व उलझनें हैं। मसलन, कुछ लोग बादाम को कच्चा खाना पसंद करते हैं तो कुछ भिगोकर, वहीं कुछ इसे छिलके सहित खाने की सलाह देते हैं तो कुछ छिलका उतारकर। ऐसे में समझ में नहीं आता कि ड्राई फ्रूट्स को हेल्दी तरीके से किस तरह खाया जाए ताकि उसका अधिकतम लाभ शरीर को मिले। तो चलिए आज हम आपको ड्राई फ्रूट्स खाने का हेल्दी तरीका और इससे जुड़े कुछ मिथ्स के बारे में बता रहे हैं हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स कैलोरी का एक कंसन्टेटेड सोर्स है। अगर आप प्रतिदिन की निर्धारित मात्रा से अधिक ड्राई फ्रूट्स क...
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर

व्यक्त्ति-विशेष
रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। बचपन में उन्‍हें प्‍यार से 'रबी' बुलाया जाता था। रवींद्रनाथ टैगोर अपने माता-पिता की तेरहवीं संतान थे। उनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ टैगोर और मां का नाम शारदा देवी था। उन्होंने पहली कविता आठ साल की उम्र में लिखी थी और सन् 1877 में केवल सोलह साल की उम्र में उनकी प्रथम लघुकथा प्रकाशित हुई थी। स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर स्कूल में पूरी करने के बाद बैरिस्टर बनने के सपने के साथ 1878 में इंग्लैंड के ब्रिजटोन में एक पब्लिक स्कूल में दाख़िला लिया। उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय से क़ानून की पढ़ाई की लेकिन 1880 में बिना डिग्री लिए भारत लौट आए थे। भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नई जान डालने वाले युगदृष्टा रवींद्रनाथ टैगोर एक ही साथ महान साहित्यकार, दार्शनिक, संगीतज्ञ, चित्रकार, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रवादी के साथ मानवतावादी भ...
नीम की पत्तियों से मिलते हैं इतने फायदे

नीम की पत्तियों से मिलते हैं इतने फायदे

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS) :  आयुर्वेद की दुनिया में नीम एक बेहद लोकप्रिय व महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी−बूटी है, जिसे लगभग पिछले 5000 सालों से उपचार के दौरान इस्तेमाल किया जाता रहा है। नीम इतना गुणकारी है कि न केवल इसकी पत्तियां, बल्कि पेड़ के बीज, जड़ों और छाल में भी औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए ही गुणकारी है। नीम के पत्तों में एंटी−बैक्टीरियल गुण होते हैं यही वजह है कि यह संक्रमण, जलन और त्वचा की किसी भी तरह की समस्याओं पर यह जादू की तरह काम करता है। यह बैक्टीरिया को नष्ट करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और तेजी से चिकित्सा को प्रोत्साहित करता है। इसके अलावा इसमें एंटी−एजिंग गुण भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं, नीम में विटामिन और फैटी एसिड त्वचा की लोच में सुधार करते हैं और झुर्रियों और महीन रेखाओं को कम करते हैं।...
सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने की दिशा में बड़ा प्रयास

सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने की दिशा में बड़ा प्रयास

व्यक्त्ति-विशेष
आई.ए.एस आकृति सागर ने किया शुभारंभ नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने के आहवान को चरितार्थ करने के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम की पूर्व अध्यक्षा स्थाई समिति और रमेश नगर की पार्षद वीना विरमानी के वार्ड में श्री पंचेश्वर महादेव शनिदेव मन्दिर सरस्वती गार्डन में प्लास्टिक के गिलास व प्लास्टिक की बोतल की जगह शनिदेव महाराज जी को स्टील के पात्र में तेल समर्पण करने का शुभारम्भ आकृति सागर (आई.ए.एस ) उपायुत्त करोल बाग जोन द्वारा प्रारम्भ किया गया। मन्दिर के प्रधान गुलशन विरमानी एवं महामंत्री सुनील निशचल ने बताया कि शनिवार को लगभग 1500 -2000 श्रद्धालु इस मन्दिर में प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक के डोने और प्लास्टिक के बोतल में तेल समर्पित करते थे जिससे प्रत्येक शनिवार लगभग एक टैम्पो प्लास्टिक वैस्ट एकत्रित होता था । उसे समाप्त करने के लिए मन्दिर संस्...