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व्यक्त्ति-विशेष

आनंद बख्शी 17 साल की उम्र में जबलपुर में सेना जॉइन की, दो बार नौकरी छोड़ी

आनंद बख्शी 17 साल की उम्र में जबलपुर में सेना जॉइन की, दो बार नौकरी छोड़ी

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मशहूर गीतकार और सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाले आनंद बख्शी का 21 जुलाई को जन्मदिन है। बहुत कम लोग जानते होंगे कि आनंद बख्शी का जबलपुर की माटी से गहरा नाता है। दरअसल, उनका एक फौजी से गीतकार बनने का सफर जबलपुर में ही शुरू हुआ। नाटकों में अभिनय करने वाले बख्शी देखते ही देखते नज्म लिखने लगे और गाने लगे। पहले फौज के इवेंट में, फिर थिएटर में। 15 नवंबर 1947 में आनंद बख्शी जब जबलपुर में फौज के सिग्नल कोर में भर्ती हुए, तब उनकी उम्र महज 17 वर्ष थी। उन्हें सिग्नल मेन का रैंक मिला था। जबलपुर में उन्होंने कविताएं लिखना शुरू कर दिया था। वे अपनी कविताओं को बैरक में फौजी साथियों और अफसरों के सामने गाते थे। उन्हें जब अफसर शाबासी देते तो ये अहसास बड़ा गहरा होता कि उनके भीतर एक हुनर है। धीरे-धीरे वे वार्ष‍िक थिएटर के आयोजनों और बड़ा खाना (एक साथ सैनिक से लेकर अधिकारी भोजन करते हैं) में भी अपनी पेशकश देने ...
आंध्र प्रदेश में पड़ोसी की संक्रमण से मौत हुई तो एक परिवार ने खुद को 15 महीनों तक घर में कैद कर लिया

आंध्र प्रदेश में पड़ोसी की संक्रमण से मौत हुई तो एक परिवार ने खुद को 15 महीनों तक घर में कैद कर लिया

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS):-  आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी में अधिकारियों ने बुधवार को एक परिवार को रेस्क्यू किया है, जिसकी सेहत काफी खराब हालत में थी। कदाली गांव के इस परिवार ने कोरोना के डर से करीब 15 महीनों तक खुद को घर में कैद कर लिया था। कोई भी स्वास्थ्यकर्मी जब इनके घर पहुंचता था तो ये लोग जवाब नहीं देते थे। इस वजह से इनकी स्थिति का पता नहीं चल पाया। कदाली के सरपंच चोपल्ला गुरुनाथ ने बताया कि रुथम्मा (50), कांतामणि (32) और रानी (30) ने खुद को इसलिए घर में कैद कर लिया था, क्योंकि उनके एक पड़ोसी की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हो गई थी। सरपंच ने पुलिस को दी जानकारी जब सरकारी आवास योजना के तहत एक कर्मचारी इन लोगों के अंगूठे का निशान लेने के लिए पहुंचा तो पता चला कि इन्होंने खुद को कैद कर रखा है। उसने यह बात सरपंच और दूसरे ग्रामीणों को बताई। सरपंच ने कहा कि 15 महीने से घर में बंद रहन...
सेहत को मिल रहा गोमाता का ‘अनादि’ आशीर्वाद

सेहत को मिल रहा गोमाता का ‘अनादि’ आशीर्वाद

व्यक्त्ति-विशेष
'अनादि' देशी घी, वह भी बिल्व पत्र के साथ माटी की हांडी में पका हुआ। दावा है कि यह घी न तो कोलेस्ट्राल बढ़ाता है और न ही शुगर। कई वर्षों से मुंबई, नोएडा, नागपुर असम, दुबई, अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर में रहे भारतीय और वहां के स्थानीय निवासी भी इसे पसंद करते हैं। फरीदाबाद के एक वृद्धाश्रम में वयस्क, बुजुर्ग महिलाएं गायों की सेवा करती हैं, दूध दुहती हैं, उनकी देखभाल करती हैं और फिर विशेष तरीके से घी तैयार करती हैं। तभी इस घी की कीमत भी 2,640 रुपये प्रति लीटर है। अनादि सेवा प्रकल्प वृद्धाश्रम के संचालक प्रणव शुक्ला बताते हैं कि गोधाम में गीर, साहीवाल और डांगी नस्ल की 35 गाय ऐसी हैं, जिनसे रोजाना करीब 300 लीटर दूध प्राप्त होता है। इस तरह महीने भर में लगभग नौ हजार लीटर दूध निकलता है। करीब तीन हजार लीटर दूध आसपास के क्षेत्र के लोग 70 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदते हैं और छह हजार लीटर दूध ...
स्कूल खोलने को लेकर क्या है आईसीएमआर की राय

स्कूल खोलने को लेकर क्या है आईसीएमआर की राय

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कोरोना की दूसरी लहर कम होने के बाद भले ही कुछ राज्यों ने नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूलों को धीरे-धीरे खोलने का एलान किया हो, लेकिन आइसीएमआर ने उच्चतर शिक्षा के बजाय प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाई पहले शुरू करने की सलाह दी है। आइसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव चौथे सीरो सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि बड़ों की तुलना में बच्चों पर कोरोना का प्रभाव कम पड़ता है। उच्चतर कक्षाओं के बजाय प्राथमिक कक्षाओं को पहले शुरू करने की वैज्ञानिक वजह बताते हुए डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस जिस एस रिसेप्टर के सहारे शरीर की कोशिकाओं से जुड़ता है, वह बच्चों में कम होता है।इसीलिए संक्रमित होने के बावजूद बच्चों पर उसका प्रतिकूल असर कम दिखता है। उन्होंने कहा कि चौथे सीरो सर्वे की रिपोर्ट से भी यह साबित होता है। उन्होंने कहा कि सीरो सर्वे में छह से नौ साल के 57.2 फीसद बच्चों में और 10 से 17 ...
यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी हटाए जाने का मुद्दा गरमाया

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी हटाए जाने का मुद्दा गरमाया

व्यक्त्ति-विशेष
यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी हटाए जाने का मुद्दा बंगाल में गरमाता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस इसे गुरुदेव का अपमान बताकर इसका जबरदस्त विरोध कर रही है। बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने इसपर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सूबे की संस्कृति का अपमान बताया है। बसु ने कहा कि भाजपा को बंगाल की संस्कृति का महत्व पता ही नहीं है। तृणमूल की छात्र इकाई की ओर से गुरुदेव के कोलकाता के जोड़ासांको स्थित जन्मस्थल पर इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के नेता विश्वजीत दे ने कहा कि गुरुदेव द्वारा लिखी गई कहानी छूटी (छुट्टी) के अंग्रेजी अनुवाद को साजिश के तहत योगी सरकार ने यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से हटाया है। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वकवि हैं। उनकी रचना को पाठ्यक्रम से हटाना सिर्फ बंगाल नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। विश्वजीत दे ने आगे कहा कि जापान, ...
वैक्सीन लगने के बाद न करें इन 4 लक्षणों को नज़रअंदाज़

वैक्सीन लगने के बाद न करें इन 4 लक्षणों को नज़रअंदाज़

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS):- वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी देती है और आपकी एंटीबॉडीज़ बनाती है, हालांकि, इस बात कि कोई गैरंटी नहीं कि कोविड-19 के खिलाफ आपको 100 प्रतिशत सुरक्षा मिलेगी। वैक्सीन संक्रमण से होने वाले जोखिम, संचरण दर, गंभीरता और मौत के ख़तरे को ज़रूर कम करेगी, लेकिन कोविड-19 संक्रमण होने का डर फिर भी रहेगा। ये भी याद रखने की ज़रूरत है कि वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमण और लक्षण की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग तरह से दिखती है। आप पहले से किस तरह की बीमारी से जूझ रहे हैं और आपने कौन-सी वैक्सीन लगवाई है, इस पर भी संक्रमण की गंभीरता निर्भर करती है। यूके स्थित ज़ोई सिम्पटम स्टडी ऐप ने एक सर्वे किया है, जो तरह-तरह के समूहों और श्रेणियों में नियमित रूप से लक्षणों का अध्ययन करता है। उनके सर्वे में पता चला कि टीका लगाने वाले लोग कुछ ख़ास लक्षणों का अनुभव करते हैं। वे लक्...
कैबिनेट फेरबदल के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नए मंत्रियों के साथ काम करना शुरू किया

कैबिनेट फेरबदल के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नए मंत्रियों के साथ काम करना शुरू किया

व्यक्त्ति-विशेष
व्यक्त्ति-विशेष (DID NEWS):- केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के एक दिन बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए मंत्रियों के साथ काम शुरू किया। प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आइआइटी बॉम्बे, आइआइटी मद्रास, आइआइटी कानपुर और आइआइएससी बैंगलोर जैसे केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के निदेशकों के साथ बातचीत की। इस बातचीत में नए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए। सूत्रों ने कहा कि यह बातचीत शिक्षण संस्थानों में और सुधार सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिपरिषद में बड़ा फेरबदल और विस्तार किया। विस्तार में उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित उन राज्यों का अधिक प्रतिनिधित्व देखने को मिला, जहां अगले साल चुनाव होने हैं। सरकार में युवा प्रतिभाओं के अलावा ओबीसी और एससी का भी प्...
मैं भारत का ‘सबसे लंबा मेहमान’ हूं-दलाई लामा

मैं भारत का ‘सबसे लंबा मेहमान’ हूं-दलाई लामा

व्यक्त्ति-विशेष
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने आज  कहा कि वह 'भारत में सबसे लंबे समय तक रहने वाले अतिथि' हैं, जो अपने मेजबान को कभी कोई परेशानी नहीं देंगे। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज एंड अदर्स के सह-अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जीवी प्रसाद के साथ एक वर्चुअल संवाद सत्र में दलाई लामा ने कहा कि अहिंसा और करुणा में विश्वास रखने वाला भारत अन्य देशों के लिए एक आदर्श है। दलाई लामा ने कहा, 'जैसा कि मैंने हमेशा उल्लेख किया है, भारत मेरा घर है। मेरा जन्म तिब्बत में हुआ था, लेकिन मेरा अधिकांश जीवन इसी देश में बीता... मुझे वास्तव में गर्व महसूस होता है कि मैं भारत सरकार का अतिथि हूं। मुझे लगता है कि मैं भारत सरकार का सबसे लंबा मेहमान हूं। लेकिन कम से कम यह मेहमान कोई समस्या नहीं पैदा करेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत में धार्मिक सद्भाव उल्लेखनीय है और 'मीडिया स्वतंत्र' है। भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश बताते हुए नि...
‘आनंद में मुझे अपनी छवि दिखती है’ जब मुकेश अंबानी ने की थी दामाद की तारीफ

‘आनंद में मुझे अपनी छवि दिखती है’ जब मुकेश अंबानी ने की थी दामाद की तारीफ

व्यक्त्ति-विशेष
इस बात में कोई दोराय नहीं कि हर लड़की चाहती है कि उसका होने वाला पार्टनर बिल्कुल उसके पापा जैसा हो। यही एक कारण भी है कि जब भी जीवनसाथी तलाश करने की बात आती है, जो ज्यादातर लड़कियां उन पुरुषों का चुनाव करना पसंद करती हैं, जिनकी कुछ आदतें उनके पिता से मिलती-जुलती हों। हालांकि, सच्चाई यह भी है कि पिता के जैसे जीवनसाथी का मिलना बहुत मुश्किल है, जिसका जिक्र करते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने भी अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि कैसे उनके दिमाग में उनके पिता की छवि अंकित है। वह जब भी अपने साथी की तलाश करेंगी, तो उन समान गुणों के आधार पर ही करेंगी। खैर, इस मामले में अंबानी परिवार की बेटी ईशा अंबानी बहुत खुशकिस्मत निकलीं। उन्हें न केवल आंनद के रूप में बेस्ट पार्टनर मिला बल्कि उनकी आदतों का जिक्र करते हुए मुकेश अंबानी ने भी अपने दामाद की तुलना खुद से कर डाली थी। दरअसल, साल 2018 में जब म...
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की दो-टूक

सीडीएस जनरल बिपिन रावत की दो-टूक

व्यक्त्ति-विशेष
भारत और चीन सामान्य तरीके से पूर्वी लद्दाख में पूर्व वाली यथास्थिति बहाल करने में सक्षम हैं क्योंकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता रहे, यह दोनों देशों के हित में है। यह बात तीनों सेनाओं के प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कही है। थिंक टैंक के एक कार्यक्रम में जनरल रावत ने कहा, भारत कोई भी अप्रत्याशित कदम उठाने के लिए तैयार है, जैसा कि पूर्वी लद्दाख इलाके में उसने उठाया था। हमने सभी को हमेशा तैयार रहने के लिए कहा है। चीजों को हल्के में न लें। हम कोई भी अप्रत्याशित कदम उठाने और जवाब देने के लिए तैयार हैं। जैसा हमने भूतकाल में किया है, वैसा हम भविष्य में करने में भी सक्षम हैं।...