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फ्रांस से 3 और लड़ाकू विमान आए, अब तक 24 पहुंचे; बंगाल के हासीमारा में होगी तैनाती

फ्रांस से 3 और लड़ाकू विमान आए, अब तक 24 पहुंचे; बंगाल के हासीमारा में होगी तैनाती

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Exclusive News (DID NEWS):-  राफेल लड़ाकू विमानों की 7वीं खेप में बुधवार की रात 3 और लड़ाकू विमान भारत पहुंच गए हैं। इसके साथ ही अब वायुसेना के बेड़े में इस लड़ाकू विमान की संख्या 24 हो गई है। बताया जा रहा है कि इन्हें पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयर बेस पर तैनात किया जाएगा। पहली राफेल स्क्वाड्रन अंबाला वायु सेना स्टेशन पर मौजूद है। एक स्क्वाड्रन मे 18 विमान होते हैं। अंबाला में तैनात पहली राफेल स्कॉड्रन ने पूर्वी लद्दाख में चीन से लगे बॉडर्स पर पेट्रोलिंग भी शुरू कर दी है। दूसरी स्कॉड्रन का ऑपरेशन जुलाई के आखिर तक शुरू कर दिया जाएगा। तीनाें विमान फ्रांस से उड़कर बिना रुके लगभग 8 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर भारत पहुंचे। इन विमानों की बीच रास्ते में संयुक्त अरब अमीरात के एयरबस 330 मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट विमान के जरिए हवा में ही रिफ्यूलिंग की गई। भारतीय वायु सेना ने ट्वीट किया, 'फ्रांस के इ...
काबुल में तालिबान की सत्‍ता आने से भारत पर क्‍या होगा असर

काबुल में तालिबान की सत्‍ता आने से भारत पर क्‍या होगा असर

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अफगानिस्तान में तालिबान के लगातार बढ़ रहे प्रभाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अफगानिस्‍तान की सत्ता पर तालिबान का नियंत्रण भारत के लिए भी चिंता का सबब है। दो दशकों में भारत ने अफगानिस्तान में करीब 22 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि तालिबान के कब्जे के बाद क्या यह निवेश पूरी तरह फंस जाएगा। आखिर भारत की कौन सी बड़ी परियोजना संकट में है।प्रो. हर्ष पंत का कहना है कि 1996 से 2001 के बीच जब अफगानिस्तान में तालिबान का प्रभुत्‍व था, तब भारत ने काबुल से रिश्‍ते खत्‍म कर लिए थे। अमेरिकी सेना के आने के बाद अफगानिस्‍तान में हामिद करजई की सरकार का गठन हुआ तो भारत फिर से काबुल में सक्रिय हो गया था। 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान और सरकारी सेना के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है। हालांकि, अभी तालिबान काबुल से काफी दूर है, लेकिन अगर अफगानिस्तान में शांति समझौत...
बारिश में मच्छर फैलाते हैं ये 5 गंभीर बीमारियां

बारिश में मच्छर फैलाते हैं ये 5 गंभीर बीमारियां

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मानसून एक खुशनुमा मौसम है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ये मच्छर जनित बीमारियों  का भी सीजन है। क्योंकि यह मच्छरों के प्रजनन का भी मौसम है, इसलिए वे अपनी पूरी ताकत के साथ संक्रमण फैलाने के लिए एक्टिव हो जाते हैं। अगर आपने मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए कोई तैयारी नहीं की तो सावधानी बतरनी शुरू कर कीजिए। दरअसल, मच्छरों के काटने से जो बीमारियां होती हैं, उनमें से ज्यादातर हमारी जान पर हावी हो जाती हैं। पिछले कुछ सालों में डेंगू के मामलों में थोड़ी गिरावट देखी गई है, लेकिन अब भी ये पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। साथ ही, भारत डेंगू बुखार के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में से एक है। समस्या यह है कि अब तक डेंगू का कोई इलाज नहीं है और खराब मैनेजमेंट से रोगी की मृत्यु हो सकती है। लिहाजा हमें इससे बहुत अधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेंगू पैदा करने वाला मच्छर अलग होत...
भारत में हावी है कोरोना वायरस की डेल्टा वेव; स्टडी में दावा- वैक्सीन जान बचा सकती है

भारत में हावी है कोरोना वायरस की डेल्टा वेव; स्टडी में दावा- वैक्सीन जान बचा सकती है

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी की नई स्टडी ने कुछ नए तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट का दावा है कि वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी इन्फेक्शन हो रहा है। इसकी वजह कोविड-19 का डेल्टा वैरिएंट है। यानी वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी खतरा टला नहीं है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यह स्टडी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर, दूसरी लहर के कमजोर पड़ते ही राज्यों में अनलॉक होने लगा है। जनजीवन सामान्य होने लगा है, लेकिन अब हिल स्टेशनों से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर दिख रहे हैं। वह भी बिना मास्क के। सोशल डिस्टेंसिंग भी भुला दी गई है। लिहाजा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को सक्रिय होना पड़ा। उन्होंने लोगों को हिदायत दी है कि कोरोना की लहर कमजोर हुई है, खत्म नहीं हुई। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो तीसरी लहर जल्द ही आ जाएगी और हाला...
चीन LAC के बेहद नजदीक अपनी सेना के लिए बना रहा स्‍थायी ढांचा

चीन LAC के बेहद नजदीक अपनी सेना के लिए बना रहा स्‍थायी ढांचा

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Exclusive News (DID NEWS):-  चीन से चल रहे भारत के तनाव के बीच ड्रैगन फिर से वास्‍तविक नियंत्रण रेखा के करीब अपनी सेना के लिए स्‍थायी ढांचा बना रहा है। इस तरह के ढांचे के बन जाने से चीन की सेना भारत के साथ विवादित इलाके में कुछ ही देर में पहुंच सकती है। सरकार के वरिष्‍ठ सूत्रों के हवाले से एएनआई ने बताया है कि इस तरह का एक कैंप चीन की सीमा में अंदर और नाकुला लेक के ठीक पीछे बना है। ये इलाका उत्‍तरी सिक्किम में आता है, जो यहां से कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित है। ये वही जगह है जहांपर पिछले वर्ष चीन और भारत की सेना आमने सामने आ गई थी और दोनों के बीच काफी हिंसक झड़प भी हुई थी। इस वर्ष जनवरी में भी दोनों सेनाएं आमने सामने आ गई थीं। सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया है कि इस तरह का ढांचा बन जाने के बाद चीन अपनी सेना के जवानों को फ्रंटलाइन एरिया में सीमा के बेहद नजदीक तैनात कर सकता है। सूत्र...
ड्रोन सिस्टम को लेकर बने नए नियम का मसौदा जारी

ड्रोन सिस्टम को लेकर बने नए नियम का मसौदा जारी

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Exclusive News (DID NEWS):- नागरिक विमानन मंत्रालय  ने ड्रोन रुल्स, 2021 का मसौदा रिलीज किया है। इसपर लोगों से प्रतिक्रिया की जरूरत है। इस मसौदे पर लोगों की प्रतिक्रिया के लिए अंतिम तारीख 5 अगस्त सुनिश्चित की गई है। बता दें कि जम्मू में भारतीय वायु सेना के अड्डे पर हुए ड्रोन हमले के बाद केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। इसके बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि देखते हुए विमानन मंत्रालय ड्रोन सिस्टम के मौजूदा नियमों को ज्यादा सख्त बनाने पर विचार कर सकता है।इसमें ड्रोन टैक्सी को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा नए मसौदे में दिया गया है कि डिजिटल स्काई प्लेटफार्म को बिजनेस के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा और अधिकतर अनुमति सेल्फ जेनरेटेड होगी। बता दें कि देश में ड्रोन गतिविधियों का प्रबंधन के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म 'डिजिटल स्काई प्लेटफार्म' को चलाती है। इस प्लेटफार्म पर ग्रीन, येलो और रेड जोन दिखाया जाएग...
LAC पर नहीं हुई कोई ताजा झड़प

LAC पर नहीं हुई कोई ताजा झड़प

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Exclusive News (DID NEWS):- पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच किसी तरह की ताजा झड़प से इनकार करते हुए भारतीय सेना ने आज उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि दोनों देशों के बीच हुआ समझौता भी रद हो गया है। साथ ही सेना ने यह भी कहा कि सीमा पर चीन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेना इन दिनों शांत है किसी की ओर से पूर्वी लद्दाख पर हावी होने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। भारतीय सेना ने आज यह जानकारी दी। फरवरी में दोनों देशों की सेना वहां से हटी थी। साथ ही वहां तनाव के मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है। सेना ने बताया कि क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा रही है। दरअसल मीडिया की ओर से यह खबर आ रही है कि चीनी सेना ने फिर से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा को...
आमेर महल हादसे के बाद जनता को अलर्ट सरकार ने बनाया ये प्लान

आमेर महल हादसे के बाद जनता को अलर्ट सरकार ने बनाया ये प्लान

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(DID NEWS):- लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों के लिए राजस्थान में मानसून बड़ी वज्रपात बनकर आय़ा।प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी आकाशीय बिजली दुखांतिका में रविवार को एक ही दिन में 23 लोगों की मौत हो गई। दर्दनाक हादसे ने सरकार से लेकर आम इंसान सभी को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी बड़ी थी कि इसके बाद सीएम ने तुरंत आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक लेने का फैसला लिया। साथ ही मौसम विभाग का चेतावनी सिस्टम दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि विभागों के साथ-साथ अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, तूफान, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी आम जनता को भी दी जाए। समीक्षा बैठक में जहां गहलोत सरकार की ओर से आम आदमी को भी आकाशीय आपदा का अलर्ट (सूचना) देने के निर्देश दिए गए। वहीं एसडीआरएफ के तहत राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आरान उन्होंने सिविल डिफेंस वालेंटियर्स के लिए दूसरा प्रशिक्षण के...
कोवैैक्सीन को 4-6 हफ्ते में मिल जाएगी इस्तेमाल की मंजूरी

कोवैैक्सीन को 4-6 हफ्ते में मिल जाएगी इस्तेमाल की मंजूरी

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  विश्व स्वास्थ्य संगठन ई यू एल   जल्द ही भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन के लिए आपातकालीन मंजूरी पर अहम फैसला लेने वाला है। संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि कोवैक्सीन के इस्तेमाल के लिए मंजूरी आगामी 4-6 हफ्तों में दे दी जाएगी। सीएसई द्वारा शुक्रवार को आयोजित वेबिनार में स्वामीनाथन ने कहा कि भारत बायोटक अब पोर्टल पर वैक्सीन का पूरा डाटा अपलोड कर रहा है जिसकी जांच कर WHO कोवैक्सीन की समीक्षा कर रहा है। WHO के दिशानिर्देशों के अनुसार,ई यू एल  प्रक्रिया के तहत नए या बगैर लाइसेंस के उत्पादों के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है ताकि स्वास्थ्य को लेकर उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जा सके। स्वामीनाथन ने बताया,'ई यू एल के लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होता है और वैक्सीन की मंजूरी प्राप्त करने के लिए कंपनी को तीन चरणों के ट्रायल का डाटा पेश करन...
पेट्रोल-डीजल के दाम इस वजह से हो सकते हैं कम

पेट्रोल-डीजल के दाम इस वजह से हो सकते हैं कम

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उपभोक्ताओं को बार-बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से इस महीने राहत मिल सकती है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया, ताकि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का विश्लेषण किया जा सके। ओएमसी ने राहत देने के लिए अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती शुरू कर दी है, संभव है कि इससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत मिले। 77 डॉलर प्रति बैरल को पार करने के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, उत्पादन में कटौती जारी रखने पर तेल कार्टेल ओपेक में मतभेद सामने आए हैं। शुक्रवार को कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 100.56 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर पर टिकी हैं। शुक्रवार को देश भर में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं...