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धर्म

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का विशेष महत्व, पूजन के दौरान अपनाएं ये उपाय

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का विशेष महत्व, पूजन के दौरान अपनाएं ये उपाय

धर्म
धर्म (DID News) :- कार्तिक मास में तुलसी पूजा (Kartik Month Tulsi Puja) का विशेष महत्व है. कहते हैं कि इस माह में भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) चार माह की योग निद्रा के बाद जागते हैं. इस कारण इस महीने का पौराणिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है. कार्तिक मास का आरंभ 21 अक्टूबर से हुआ था, जो कि 19 नवंबर (Kartik Month Ends 19 November) को समाप्त होगा. बता दें कि सालभर के सभी बड़े त्योहार कार्तिक मास में ही आते हैं. कहते हैं श्री हरि को तुलसी जी अधिक प्रिय हैं, इसलिए कार्तिक मास में तुलसी पूजन (Tulsi Pujan Importance) का भी विशेष महत्व माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इस माह में तुलसी जी की विधिवत्त पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर में धन की कमी नहीं  होती.   मान्यता है कि सुबह-शाम तुलसी पूजन करने से जीवन में सभी प्रकार के दुखों और कष्टों से छुटकारा मिलता है. स्कंद पुराण मे...
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ नहीं होती भगवान विष्णु की पूजा, जानें  कारण

दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ नहीं होती भगवान विष्णु की पूजा, जानें कारण

धर्म
धर्म (DID News) :- वैसे तो देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके समर्पित दिनों में पूजा-पाठ किया जाता है. लेकिन कहते हैं कि शुभ मुहूर्त और शुभ दिनों में विशेष रूप से उनकी पूजा-अर्चना की जाए, तो भगवान जल्दी प्रसन्न होकर भक्तों के कष्ट दूर करते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा (Diwali 2021 lakshmi Puja) का विधान है. इस दिन मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से पूजा की जाती है. इसे अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व माना जाता है. मान्यता है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी की साधना-अराधना करने से सालभर तक आर्थिक तंगी नहीं रहती. और मां लक्ष्मी की कृपा से धन का भंडार भरा रहता है. इतना ही नहीं, इस दिन ऋद्धि-सिद्धि के दाता और प्रथम पूजनीय गणपति (Ganpati Puja On Diwali 2021) की भी साधना की जाती है. जिनकी कृपा से सभी कार्...
दिवाली पर जानिए मूर्ति स्थापना का सही विधान

दिवाली पर जानिए मूर्ति स्थापना का सही विधान

धर्म
धर्म (DID News) :- माता लक्ष्मी समुद्र मंथन से उत्पन्न हुई थीं, उनके आगमन के समय सभी देवता हाथ जोड़कर आराधना कर रहे थे. खुद भगवान विष्णु भी प्रार्थना कर रहे थे. इस तिथि यानी कार्तिक अमावस्या के दिन महालक्ष्मी विशेष पूजा होती है. इस दिन मकान, दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान में महालक्ष्मी पूजन करनी चाहिए. इसके अलावा देहली विनायक, मांकाली, सरस्वती और कुबेर की भी पूजा जरूर करनी चाहिए. मगर लक्ष्मी पूजा करते हुए मां की मूर्ति स्थापना के विधान का पूरा ध्यान रखना चाहिए.   1 - पुराणों के अनुसार देवी लक्ष्मी चंचल होती हैं, इसलिए कभी भी उनकी खड़ी अवस्था वाली मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करने से वह उस जगह ज्यादा देर तक नहीं टिकती हैं. इसलिए घर में हमेशा माता लक्ष्मी की बैठी हुई प्रतिमा रखनी चाहिए. 2 - माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू होता है और ये भी चंचल स्वभाव वाला होता है, ऐसे में लक्ष्मी म...
कब है रमा एकादशी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

कब है रमा एकादशी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

धर्म
धर्म (DID News) :- हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष रमा एकादशी का व्रत 01 नवंबर दिन सोमवार को है। रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ धन, ऐश्वर्य और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की भी पूजा विधि विधान से की जाती है। इसके बाद दिवाली का त्योहार आता है। दिवाली से पूर्व माता लक्ष्मी की पूजा करने के लिए रमा एकादशी सबसे उत्तम दिन होता है। जैसा कि आपको पता है कि माता लक्ष्मी को रमा भी कहते हैं, कार्तिक एकादशी पर भगवान विष्णु संग रमा की भी पूजा होती है, इसलिए इसे रमा एकादशी कहते हैं। रमा एकादशी 2021 तिथि पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 31 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से हो रहा है, जो अगले दिन 01 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 21 मिनट तक है। व्रत के लिए उदयातिथि मान्य होती है, इसलिए...
करवा चौथ व्रत : डिजिटल तरीके से करवा चौथ का व्रत का पूजन

करवा चौथ व्रत : डिजिटल तरीके से करवा चौथ का व्रत का पूजन

धर्म
  हिंदू पंचाग के अनुसार, कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है. साल 2021 का करवा चौथ व्रत कल यानी 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार को है. इस व्रत में सुहागिन महिलायें निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य एवं सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए कामना करती हैं.   करवा चौथ के दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर सरगी खाती हैं और इसके बाद दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं. शाम के समय 16 ऋंगार करके करवा चौथ माता की पूजा करती हैं. इसके बाद चंद्रमा निकलने का इंतजार करती हैं.चन्द्रोदय के बाद उनकी पूजा करती हैं और छलनी से चंद्रमा का दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देती हैं. इसके बाद पति की पूजा एवं दर्शन करके उनके हाथ से जल ग्रहण करती हैं. उसके बाद व्रत को पूर्ण करती हैं.   कैसे करें डिजिटल करवा चौथ व्रत   परंतु कभी –कभी ऐसी स्थिति बन...
करवाचौथ के दिन महिलाएं भूलकर भी न करें ये 4 काम

करवाचौथ के दिन महिलाएं भूलकर भी न करें ये 4 काम

धर्म
सुहागिन महिलाओं का अति महत्वपूर्ण व्रत करवा चौथ कल यानी 24 अक्टूबर को है. इस लिए व्रत रखने वाली महिलायें यह ध्यान रखें कि करवा चौथ व्रत के दिन भूलकर भी ये 4 काम करें. नहीं तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलेगा.   सिलाई-कढ़ाई का काम का भूलकर भी न करें   धार्मिक मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को व्रत के दिन नुकीली चीजों से बिलकुल दूर रहना चाहिए. करवा चौथ व्रत के दिन किसी प्रकार की सिलाई-कढ़ाई जैसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए. कहा जाता है कि ऐसा करना अशुभ होता है.   करवा चौथ व्रत के दिन सफेद वस्तुओं का न करें दान   करवा चौथ का व्रत सु​हागिन महिलाओं के लिए अति महत्वपूर्ण होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के दिन किसी भी सफेद रंग की वस्तु का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करना अशुभ होता है. इस लिए सफेद कपड़े, दूध, चावल, द...
कार्तिक मास के कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ व्रत, अपनी पत्नी को ये यूनिक गिफ्ट दे

कार्तिक मास के कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ व्रत, अपनी पत्नी को ये यूनिक गिफ्ट दे

धर्म
धर्म (DID News) :- हिंदी पंचांग के अनुसार करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth 2021 Date) हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस बार करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth 2021 Date) 24 अक्टूबर दिन रविवार को रखा जाएगा. करवा चौथ के दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और उनके खुशहाल जीवन की प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत रखती है. शाम को चंद्रमा का दर्शन करने के बाद अपने पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत का समापन करती हैं.   पति को भी ऐसे पावन व्रत पर पत्नी को कुछ यूनिक गिफ्ट देना चाहिए. इससे पत्नी भी खुश होती है. जिस घर में सभी पारिवारिक सदस्य खुशी पूर्वक रहते हैं. महिलाओं का सम्मान होता है. वहां लक्ष्मी का वास होता है. उस घर परिवार पर मां लक्ष्मी जी की कृपा बरसती है. उस घर में कभी आर्थिक तंगी नहीं आती. खुशनुमा परिवार में सभी लोग स्वस्थ रहते हैं. कहा भी गया है कि “यत्र नार्यस्तु प...
हनुमान व्रत पूजा में महिलाएं जरूर रखें इन बातों का ध्यान

हनुमान व्रत पूजा में महिलाएं जरूर रखें इन बातों का ध्यान

धर्म
(DID News) :- हिंदू धर्म में सप्ताह का कोई न कोई दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है. इसी क्रम में मंगलवार और शनिवार का दिन भगवान बजरंगबली / हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन भगवान हनुमान जी की पूजा करना चाहिए और व्रत रखना चाहिए. इससे हनुमान जी प्रसन्न होकर भक्तों के सारे कष्ट दूर करते हैं और उनकी मनोकामना पूरी करते हैं. यही नहीं, कहा जाता है कि हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने पर व्यक्ति के ऊपर चल रहे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी कम हो जाता है. वैसे तो हनुमान जी की पूजा में उन सारे नियमों का पालन किया जाता है जो अन्य देवी देवताओं के पूजन में किया जाता है. परंतु मंगलवार व्रत में हनुमान जी की पूजा के समय विशेष कर महिलाओं को इन नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए.   हनुमान पूजा में रखें इन बातों का ध्यान हनुमान जी को चिरंजीवी देवता कहा जाता है क्...
अहोई अष्टमी व्रत : संतान प्राप्ति और उनकी लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत कब?

अहोई अष्टमी व्रत : संतान प्राप्ति और उनकी लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत कब?

धर्म
(DID News) :- हिंदू धर्म में माताओं के द्वारा रखा जाने वाला अहोई अष्टमी व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. अहोई व्रत पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस साल अहोई अष्टमी व्रत (Ahoi Ashtami On 28th October) 28 अक्टूबर दिन गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन महिलाएं, माता अहोई, भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती है और संतान प्राप्ति और उनकी लंबी आयु के लिए मां से प्रार्थना भी करती हैं. अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami On 28th October) का व्रत करवा चौथ (Karwa Chauth) के तीन दिन बाद रखा जाता है. इस दिन महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत रखती हैं और रात को तारों को अर्घ्य देकर व्रत पारण किया जाता है. अहोई अष्टमी व्रत कथा  (Ahoi Ashtami 2021 Vrat Katha)   एक शहर में एक साहूकार अपने 7 लड़कों के साथ रहता था. एक बार साहूकार की पत्नी दि...
धनतेरस के दिन पहले पढ़ ये जरूरी बातें, रखेंगे इनका ध्यान तो मिलेगा शुभ फल

धनतेरस के दिन पहले पढ़ ये जरूरी बातें, रखेंगे इनका ध्यान तो मिलेगा शुभ फल

धर्म
हिंदू धर्म में धनतेरस (Dhanteras) का विषेश महत्व है. कहते हैं कि 5 दिवसीय दिवाली का त्योहार धनतेरस के दिन से ही शुरू होता है, जो कि भाई दूज के दिन समाप्त होता है. इस बार धनतेरस 2 नवंबर (Dhanteras on 2 October) के दिन मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन धनवंतरी भगवान (Dhanvantri Bhagwan) का जन्म हुआ था इसलिए आज के दिन उनकी पूजा का विधान है. धनतेरस को धनवंतरी जंयती (Dhanvantri Jayanti) और धन त्रयोदशी (Dhanters Triyodash) भी कहा जाता है. इस दिन धनवंतरी भगवान के साथ-साथ कुबेर देव (Kuber Dev) की भी पूजा की जाती है. इस दिन खरीददारी का भी विशेष महत्व होता है . इस कारण इस दिन लोग सोना, चांदी, कपड़े, बर्तन आदि कई चीजें खदीरते हैं. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन खरीदी गई चीज कई गुना वृद्धि करती है.   धनतेरस के दिन एक चीज और खरीदना काफी शुभ माना गया है. झाड़ू खरीदना भी इस दिन शुभ माना गया है. ...