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धर्म

कल एकादशी के दिन पूरे दिन पंचक, इन 5 मुहूर्त में भूलकर भी न करें पूजा-पाठ

कल एकादशी के दिन पूरे दिन पंचक, इन 5 मुहूर्त में भूलकर भी न करें पूजा-पाठ

धर्म
धर्म ( DID NEWS) : 07 मई 2021, दिन शुक्रवार को वरुथिनी एकादशी है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि को बरुथिनी एकादशी कहा जाता है। वरुथिनी एकादशी के दिन वैधृति योग के साथ विष्कुंभ योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में वैधृति व विष्कुंभ योग को शुभ योगों में नहीं गिना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान शुभ कार्यों को करने में उनमें सफलता हासिल नहीं होती है। वरुथिनी एकादशी महत्व- लोगों में ऐसी आस्था है कि वरुथिनी एकादशी व्रत करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और दरिद्रता का नाश होता है। कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से कन्यादान और सालों तक तप के बराबर पुण्य मिलता है। इस दिन के पुण्य प्रभाव से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। यह व्रत व्यक्ति को मोक्ष दिलाता है।...
उत्तराखंड सरकार का फैसला, कोरोना संकट को देखते हुए चार धाम यात्रा स्थगित

उत्तराखंड सरकार का फैसला, कोरोना संकट को देखते हुए चार धाम यात्रा स्थगित

उत्तरप्रदेश SPECIAL, क्षेत्रीय समाचार, धर्म
क्षेत्रीय समाचार ( DID NEWS) : कोविड मामलों में जबरदस्त उछाल के चलते अगले माह शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। यहां बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महामारी की स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने हालांकि, कहा कि चारधाम के नाम से मशहूर चारों हिमालयी धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित ही नियमित पूजा करेंगे। रावत ने कहा, ‘तेजी से बढ रहे कोविड मामलों को देखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित किया जाता है।  ...
संकष्टी चतुर्थी व्रत कल, बन रहे हैं ये दो शुभ योग

संकष्टी चतुर्थी व्रत कल, बन रहे हैं ये दो शुभ योग

धर्म
धर्म ( DID NEWS) : विकट संकष्टी चतुर्थी 30 अप्रैल शुक्रवार के दिन है। इस दिन गणपति महाराज की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का आशय संकट को रहने वाली चतुर्थी तिथि से है। आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व। संकष्टी चतुर्थी पर शुभ योग पंचांग के अनुसार इस बार संकष्टी चतुर्थी पर शिव और परिघ योग रहेगा। ये दोनों ही योग बहुत शुभ माने जाते हैं। 30 अप्रैल सुबह 08 बजकर 03 मिनट तक परिघ योग रहेगा। इसके बाद से शिव योग आरंभ हो जाएगा। यदि कोई शत्रु से संबंधित मामला हो तो परिध योग में विजय प्राप्ति होती है। शिव बहुत ही शुभ फलदायक माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें। इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। स्वच्छ आसन या ...
चैत्र पूर्णिमा और महत्व

चैत्र पूर्णिमा और महत्व

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धर्म ( DID NEWS) : चैत्र पूर्णिमा 27 अप्रैल को पड़ रही है। शास्त्रों में चैत्र पूर्णिमा को चैत पूनम या मधु पूर्णम के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक दृष्टि से चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य के कार्य करने से समस्त प्रकार के दुखों से छुटकारा मिलता है।...
हरिद्वार महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर हो रही अनदेखी

हरिद्वार महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर हो रही अनदेखी

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धर्म ( DID NEWS) : हरिद्वार महाकुंभ का आज दूसरा शाही स्नान है। शाही स्नान के अवसर पर तमाम अखाड़ों के साधु-संत आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। साथ ही साथ आम लोग भी भारी संख्या में हरिद्वार पहुंचे हैं और शाही स्नान कर रहे हैं। इन सबके बीच नेपाल के अंतिम राजा ज्ञानेंद्र वीर सिंह भी हरिद्वार पहुंचे जिनका स्वागत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने किया। हरिद्वार महाकुंभ में भीड़ बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है और कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ना यहां पर मास्क का इस्तेमाल हो रहा है और न हीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा। सैनिटाइजेशन और सैनिटाइजर के इस्तेमाल की बात ही मत कहिए।  ...
शीतला अष्टमी व्रत से प्राप्त होती है आरोग्यता

शीतला अष्टमी व्रत से प्राप्त होती है आरोग्यता

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धर्म (DID NEWS): होली के बाद बसोड़ा की पूजा होती है। इस व्रत में मां शीतला की अराधना होती है। इस दिन सच्चे मन से देवी की आराधना से संक्रामक रोग दूर होते हैं तो आइए हम आपको शीतला अष्टमी के व्रत तथा पूजा विधि के बारे में बताते हैं। हर साल होली के आठवें दिन चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल शीतला अष्टमी 4 अप्रैल 2021 को पड़ रही है। इसे बसोड़ा भी कहा जाता है। शीतला अष्टमी की पूजा विशेष होती है। इसमें अष्टमी से एक दिन पहले शाम को भी प्रसाद का खाना तैयार किया जाता है जिसे बसौड़ा कहते हैं। शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और स्वयं भी प्रसाद के रूप में बासी भोजन किया जाता है।  ...
गुड फ्राइडे पर गिरजाघरों में होता है यह खास धार्मिक आयोजन

गुड फ्राइडे पर गिरजाघरों में होता है यह खास धार्मिक आयोजन

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धर्म ( DID NEWS) : आज गुड फ्राइडे है, यह ईसाइयों का महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार ईसा मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे की खास बात यह है कि इसे दुनिया भर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है तो आइए हम आपको गुड फ्राइडे के बारे में कुछ रोचक बातें बताते हैं। आज के दिन ईसाई समुदाय के लोग चर्च जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं. बाइबिल के अनुसार, प्रभु ईसा मसीह ने शुक्रवार के दिन ही अपने जीवन का बलिदान दिया था. इसलिए उनकी याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है। ईसाई धर्म में ऐसी मान्यता प्रचलित है कि ईसा मसीह परमेश्वर के बेटे थे। ... आज गुड फ्राइडे है, यह ईसाइयों का महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार ईसा मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे की खास बात यह है कि इसे दुनिया भर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है तो आइए हम आपको गुड फ्राइडे के ... गुड फ्राइडे ईस...
पहली बार केवल एक माह के लिए लग रहा कुंभ मेला

पहली बार केवल एक माह के लिए लग रहा कुंभ मेला

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 धर्म(DID NEWS):- रिद्वार कुंभ के संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है। 12 वर्ष में एक बार होने वाले इस धार्मिक आयोजन की अवधि कोरोना वायरस के मद्देनजर पहली बार घटा कर एक माह कर दी गई है। यह धार्मिक मेला एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच आयोजित किया जाएगा। सामान्य तौर पर कुंभ करीब साढ़े तीन महीने तक चलता है। वर्ष 2010 में कुंभ 14 जनवरी से शुरू होकर 28 अप्रैल तक चला था।अधिसूचना के अनुसार, एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को तीन दिन प्रमुख शाही स्नान होंगे। इनके अलावा 13 अप्रैल को चैत्र प्रतिपदा और 21 अप्रैल को होने वाले राम नवमी के पर्व पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस बीच, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 की रिपोर्ट, जिसमें उनके संक्रमित ना होने की पुष्टि हो या टीकाकरण रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर द...
भगवान शिव का त्यौहार है महाशिवरात्रि

भगवान शिव का त्यौहार है महाशिवरात्रि

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धर्म ( DID NEWS) : महाशिवरात्रि भगवान शिव का त्यौहार है। भारत के सभी प्रदेशो में महाशिव रात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भारत के साथ नेपाल, मारिशस सहित दुनिया के कई अन्य देशों में भी महाशिवरात्रि मनाते है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महाशिव रात्रि का व्रत किया जाता है। हिन्दू पुराणों के अनुसार इसी दिन सृष्टि के आरंभ में मध्यरात्रि मे भगवान शिव ब्रह्मा से रुद्र के रूप में प्रकट हुए थे। इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि कहा जाता है। शिवरात्रि के प्रसंग को हमारे वेद, पुराणों में बताया गया है कि जब समुद्र मन्थन हो रहा था उस समय समुद्र में चौदह रत्न प्राप्त हुए। उन रत्नों में हलाहल भी था। जिसकी गर्मी से सभी देव दानव त्रस्त होने लगे तब भगवान शिव ने उसका पान किया। उन्होंने लोक कल्याण की भावना से अपने को उत्सर्ग कर दिया। इसलिए उनको महादेव कहा जाता है। जब हलाहल को उन्होंने अपने क...
कृष्ण जन्मभूमि मथुरा है बेहद खास, इन प्रसिद्ध जगहों पर जरूर जाएं एक बार!

कृष्ण जन्मभूमि मथुरा है बेहद खास, इन प्रसिद्ध जगहों पर जरूर जाएं एक बार!

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धर्म (DID NEWS) : भगवान कृष्ण की नगरी कहलाई जाने वाला धार्मिक स्थल मथुरा दुनियाभर में पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है। यहां भगवान कृष्ण के दर्शन करने के लिए विश्वभर से पर्यटक आते हैं। ये स्थल भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि से भी जाना जाता है। विशेषतौर होली मानाने के लिए यहां दूर-दूर से लोग आया करते हैं। यहां कृष्ण मंदिर के अलावा कई अन्य जगह भी हैं जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं। मथुरा से करीब 56 किलोमीटर की दूरी पर आगरा है। आप चाहें तो मथुरा के साथ-साथ आगरा भी घूमने जा सकते हैं। वहीं, अगर आप मथुरा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको जिन प्रमुख जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं वहां आप घूमने जा सकते हैं। कृष्ण जन्मभूमि अगर आप मथुरा जा रहे हैं तो सबसे पहले कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ही जाएं। कृष्ण जन्मभूमि से ही आपको ये साफ हो गया होगा कि ये कृष्ण भगवान का जन्म स्थान है। बता दें कि इस मं...