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पंजाब में सियासी संकट पर कांग्रेस में मंथन जारी

(DID NEWS):- पंजाब कांग्रेस में जारी कलह पर कांग्रेस ने बुधवार को बड़ी बैठक बुलाई है. पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर हो रही इस मीटिंग में प्रियंका गांधी और राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल भी पहुंच गए हैं. इससे पहले भी कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राज्य के सांसदों, विधायकों समेत कई नेताओं के साथ बैठक कर चुका है. पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्य में विवाद को खत्म करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया था. खास बात यह है कि बीते मंगलवार को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने गांधी परिवार से मुलाकात की थी. कयास लगाए जा रहे थे कि बैठक में पंजाब में चल रहे सियासी विवाद पर चर्चा की गई थी.

किशोर पिछले विधानसभा चुनाव में भी राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ काम कर रहे थे. उन्होंने उस दौरान भी नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी में शामिल करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. सीएम सिंह और सिद्धू के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पार्टी इस विवाद को खत्म करने के लिए सिद्धू को राज्य में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है.मंगलवार को किशोर ने राहुल और प्रियंका के साथ बैठक की थी. इस दौरान सोनिया गांधी भी वर्चुअली शामिल हुई थीं. मीडिया में आ रहीं शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि पंजाब में जारी विवाद को लेकर इस मीटिंग में चर्चा की गई थी. वहीं, बाद में कयास लगाए जाने लगे कि कांग्रेस 2024 को लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी तैयार कर रही है.

इसके बाद कहा जाने लगा कि बैठक के दौरान आगामी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार को विपक्ष का उम्मीदवार बनाने पर बात की गई थी.मंगलवार को किशोर ने राहुल और प्रियंका के साथ बैठक की थी. इस दौरान सोनिया गांधी भी वर्चुअली शामिल हुई थीं. मीडिया में आ रहीं शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि पंजाब में जारी विवाद को लेकर इस मीटिंग में चर्चा की गई थी. वहीं, बाद में कयास लगाए जाने लगे कि कांग्रेस 2024 को लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी तैयार कर रही है. इसके बाद कहा जाने लगा कि बैठक के दौरान आगामी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार को विपक्ष का उम्मीदवार बनाने पर बात की गई थी.बीते हफ्ते सीएम सिंह ने किशोर के साथ कपूरथला हाउस में बैठक की थी. इसके बाद से पंजाब में भी सियासी चर्चाएं तेज हो गई थीं. इस साल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान किशोर भी पंजाब पहुंचे थे. हालांकि, नतीजों की घोषणा होने के बाद उन्होंने चुनावी रणनीतिकार का काम छोड़ने का इच्छा जाहिर की थी. पंजाब सीएम ने एक बार उनके साथ काम करने की बात कही है. वहीं, किशोर ने पंजाब को लेकर अपना मत साफ नहीं किया है.