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गुजरात : राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने अधिकारियों को दी नसीहत, कहा- अब ये नहीं चलेगा

(DID News) अहमदाबाद :- गुजरात के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने अधिकारियों व कर्मचारियों को अपना वर्क कल्चर बदलने की नसीहत दी है। समय पर ऑफिस नहीं पहुंचने वाले अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। गुजरात के राजस्व व कानून मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा है कि सरकारी कार्यालयों में देरी से आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन काटने के साथ उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। त्रिवेदी ने कहा की जनता अपने काम के लिए कार्यालयों में चक्कर काटती फिरती है अधिकारी व कर्मचारी उनके काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं अब यह नहीं चलेगा।

त्रिवेदी ने कहा कि लोगों के काम समय पर पूरे करने होंगे प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारियों को समय पर अपने कार्यालय पहुंचना होगा और समय पर लोगों के काम निपटाने होंगे। त्रिवेदी ने कहा की हमारे महापुरुषों ने जनकल्याण व आजादी के लिए बहुत मेहनत व बलिदान दिए हैं। जनता के काम समय पर नहीं होने का एक कारण अधिकारियों व कर्मचारियों का समय पर कार्यालय नहीं पहुंचना भी है। त्रिवेदी ने अधिकारियों व कर्मचारियों को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि कार्यालय में देरी से आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ वेतन कटौती के साथ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

युवक के पांव छू कर वे चर्चा में आए

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष रहे राजेंद्र त्रिवेदी पिछले माह ही मंत्री बने हैं। त्रिवेदी गुजरात सरकार के मुख्य प्रवक्ता भी हैं तथा अपने कानूनी ज्ञान व अनुभव के कारण इस सरकार में नंबर टू माने जाते हैं। गत दिनों सरकार वे भाजपा की ओर से आयोजित जन आशीर्वाद यात्रा निकालने के दौरान अपने गृह जिले वडोदरा में एक युवक के पांव छू कर वे चर्चा में आए थे। दरअसल वे भारतीय जनता युवा मोर्चा की मोटरसाइकिल रैली में शामिल हुए थे इसी दौरान स्वामीनारायण मंदिर में दर्शन करने के बाद वे साधु संतों से मिलने उनके कमरे पर पहुंचे जब मैं बाहर निकले तो उनकी सैंडल कमरे के बाहर रखी थी जब उन्होंने पूछा कि सैंडल यहां कौन लाया मैंने तो मंदिर के बाहर खोली थी। जब मंदिर के ही एक सेवा ने बताया कि वह हाथ में उठाकर सैंडल यहां पर लेकर आए तो त्रिवेदी ने विनम्रता का परिचय देते हुए उसके पांव छुएं और कहा कि माता-पिता और भगवान के पांव छुएं जाते हैं लेकिन आपने मेरे पगरखा हाथ में उठाए है इसलिए आपके पांव छूने चाहिए।