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वीरभद्र सिंह के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग, विक्रमादित्य का राजतिलक

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़(DID NEWS):- हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह को आज उनके गृहनगर रामपुर में अश्रुपूर्ण अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए हिमाचल के सभी क्षेत्रों से लोगों को हुजुम उमड़ पड़ा। उनका शरीर पदम पैलेस के दरबार हॉल में रखा गया। इसी दौरान उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह का राज परिवार की परंपरा के अनुसार, राजतिलक किया गया। राजतिलक गम के माहौल व मंत्रोच्चार के बीच हुआ।


2 घंटे से अधिक समय तक चले राजतिलक समारोह में विक्रमादित्य सिंह और उनकी पत्नी ने ही हिस्सा लिया। राजतिलक एक बंद कमरे में परिवार के सदस्यों और मीडिया की चकचौंध से दूर हुआ। राजतिलक के वक्त विक्रमादित्य सिंह की माता व वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह भी दूर रही। राजतिलक के दौरान वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर पसम पैलेस के दरबार हॉल में लोगों के अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था। राजतिलक के बाद विक्रमादित्य सिंह रामपुर रियासत के 123 वें राजा बने हैं। रामपुर बुशहर राज परिवार में 74 साल बाद राजतिलक समारोह हुआ। इससे पहले वीरभद्र सिंह 1947 में 13 साल की उम्र में रामपुर बुशहर रियासत के राजा बने थे।

जानकारों के मुताबिक विक्रमादित्य सिंह राजतिलक के विरुद्ध थे, क्योंकि आजादी के बाद अब राजशाही खत्म हो चुकी है, लेकिन बड़े-बुजुर्गों के आग्रह पर उन्होंने इस परंपरा को निभाने का आग्रह माना।